Inspection of Byju's Books: संकट से गुजर रही बायजूस (Byju's) की समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ रही हैं। अब कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (Corporate Affairs Ministry) ने बायजूस के बही-खातों की जांच का आदेश दिया है। प्रमुख एडटेक कंपनी बायजूस पहले से ही फाइनेंशियल डिटेल पेश करने में देरी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मुद्दों पर चिंता समेत कई दिक्कतों से जूझ रही है।
बायजूस के खाते की होगी जांच
बेंगलुरु में स्थित थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड (Think & Learn Pvt Ltd), जो बायजूस ब्रांड नाम के तहत ऑपरेट होती है, का इंस्पेक्शन मंत्रालय द्वारा किया जाएगा, जो कंपनीज लॉ लागू कर रही है।
क्यों लिया सरकार ने जांच का फैसला
मंत्रालय ने बायजूस के घटनाक्रम पर ध्यान देने के बाद इंस्पेक्शन का फैसला किया, जिसमें कंपनी का अपनी फाइनेंशियल डिटेल तैयार करने में असमर्थ रहना शामिल है और उसके ऑडिटर ने इस्तीफा दे दिया है।
इस महीने की शुरुआत में, मंत्रालय ने हैदराबाद में रीजनल डायरेक्टर के ऑफिस को कंपनी का इंस्पेक्शन करने के लिए कहा, जो बेंगलुरु में रजिस्टर्ड है।
इंस्पेक्शन के बाद आगे की कार्रवाई
इंस्पेक्शन रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 30 नवंबर, 2011 को हुई थी। मंत्रालय के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की आखिरी वार्षिक आम बैठक 19 सितंबर, 2022 को हुई थी। हाल के महीनों में, एडटेक प्रमुख कंपनी कई मुद्दों से जूझ रही है, जिसमें इसकी कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रेक्टिस पर चिंता भी शामिल हैं।
2025 तक का था डेलॉइट का कॉन्ट्रैक्ट
ऑडिट फर्म डेलॉइट (Deloitte) ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट पेश करने में देरी का हवाला देते हुए बायजूस के ऑडिटर पद से इस्तीफा दे दिया। साथ ही कंपनी के तीन बोर्ड सदस्यों ने भी इस्तीफा दे दिया, जिससे एडटेक फर्म में संकट गहराने का संकेत मिला।
डेलॉइट हास्किन्स एंड सेल्स, जिसे 2025 तक बायजू का ऑडिट करना था, ने "तत्काल प्रभाव" से बीच में ही बायजूस का साथ यह कहते हुए छोड़ दिया कि कि कंपनी का फाइनेंशियल स्टेटमेंट लंबे समय से लटका हुआ है।
