Basmati Rice & Ragi Production And Export: दिल्ली में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन (G-20 Summit) में अलग-अलग के राष्ट्राध्यक्षों के साथ उनकी पत्नियां भी आईं। इनमें भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) के साथ उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति (Akshata Murthy) भी शामिल रहीं। अक्षता को अपने भारत दौरे पर बासमती चावल (Basmati Rice) और रागी (Ragi) काफी पसंद आए। अक्षता की इनमें रुचि इतनी बढ़ गई कि वे पूसा इंस्टिट्यूट कैम्पस पहुंच गईं और वहां इसकी खेती से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने मोटे अनाज के बारे में भी जानकारी ली। मगर क्या आप जानते हैं कि भारत के किन राज्यों में बासमती चावल और रागी सबसे ज्यादा उगते हैं? आगे जानिए इनकी डिटेल।
बासमती चावल और रागी उत्पादन और निर्यात
किन राज्यों में बासमती चावल उगता है सबसे ज्यादा
बासमती चावल की फसल का सबसे प्रमुख राज्य हरियाणा है। देश में कुल जितने बासमती चावल का उत्पादन होता है, उसमें से 60% से अधिक उत्पादन केवल हरियाणा में होता है। हरियाणा के बाद उत्तर प्रदेश (17.1%) और पंजाब (16.1%) का नंबर है।
कितना है निर्यात
भारत ने वित्त वर्ष 2022-23 में लगभग 4.5 मिलियन मीट्रिक टन बासमती चावल का निर्यात किया। सऊदी अरब, ईरान, इराक, यूएई, यमन और अमेरिका भारत के टॉप बासमती चावल खरीदारों में शामिल रहे। बासमती चावल की कीमत 200 रु प्रति किलो (रिटेल दाम) से अधित होता है।
रागी उप्तादन में कौन सा राज्य है नंबर 1
रागी सूखे क्षेत्रों में उगाया जाने वाला एक मोटा अन्न होता है। कर्नाटक भारत में रागी का टॉप उत्पादक है। तमिनलाडु के बाद उत्तराखंड, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश का नंबर आता है। मगर अकेले कर्नाटक में ही करीब 65 फीसदी रागी का उत्पादन होता है।
इन देशों को सबसे अधिक होता है रागी का निर्यात
भारत अपना अधिकतर रागी अमेरिका, यूएई और नेपाल को निर्यात करता है। भारत विश्व में रागी का सबसे बड़ा निर्यातक है। आम तौर पर भारत में रागी लगभग 40 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम पर मिल जाएगा। बीच होती है। मगर यह कीमत राज्यों, शहरों और बाजारों में अलग हो सकती है।
