CBI ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और अनिल अंबानी के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने LIC को करीब 3750 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। CBI ने यह केस 1 अप्रैल 2026 को दर्ज किया है। इसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी, कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामला साजिश, धोखाधड़ी, फंड के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े आरोपों से संबंधित है।
अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस पर CBI का नया केस (File Photo)
कैसे हुआ कथित घोटाला
CBI के मुताबिक रिलायंस कम्युनिकेशंस ने LIC को कंपनी के नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) में करीब 4500 करोड़ रुपये निवेश करने के लिए राजी किया। आरोप है कि यह निवेश कंपनी की वित्तीय स्थिति और सुरक्षा के बारे में गलत जानकारी देकर कराया गया। LIC ने यह शिकायत फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर की थी, जिसे BDO India LLP ने 15 अक्टूबर 2020 को तैयार किया था। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि कंपनी और उसके प्रबंधन ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुटाए गए पैसों का गलत इस्तेमाल किया और फंड को अलग-अलग कंपनियों के जरिए घुमाया।
जांच में क्या सामने आया
फॉरेंसिक ऑडिट में कई गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है, जिनमें शामिल हैं:
- फर्जी बिलों के जरिए पैसे निकालना
- सहायक कंपनियों के जरिए फंड ट्रांसफर करना
- शेल कंपनियों के जरिए पैसे का कथित हेरफेर
- फर्जी देनदार और बकाया दिखाना
- संपत्तियों की कीमत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कंपनी द्वारा दिखाए गए एसेट और उनके खिलाफ बनाए गए चार्ज में बड़ा अंतर था।
पहले भी दर्ज हो चुके हैं केस
CBI इससे पहले भी रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी के खिलाफ बैंकों के साथ कथित धोखाधड़ी के तीन मामले दर्ज कर चुकी है। मौजूदा मामला खास तौर पर LIC को हुए नुकसान से जुड़ा है। फिलहाल CBI इस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय होगी।
