Adani Group Disclosures Rules Hearing: अदाणी ग्रुप (Adani Group) पर सेबी (SEBI) की रिपोर्ट बहुत जल्द ही सामने आ सकती है। जिसमें डिस्क्लोजर से जुड़े नियमों को लेकर बड़े खुलासे हो सकते हैं। बता दें कि अदाणी ग्रुप पर अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) ने इस साल जनवरी में एक रिपोर्ट प्रकाशित कर कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े कई सवाल उठाए थे। इस रिपोर्ट के बाद अदाणी ग्रुप की मार्केट वैल्यूएशन करीब 100 अरब डॉलर तक घट गई थी। जिसके बाद मार्केट रेगुलेटर SEBI ने एक जांच शुरू की थी। हालांकि अदाणी ग्रुप ने इन सभी से आरोपों से इनकार किया था। आडानी ग्रुप का बिजनेस बंदरगाह से लेकर बिजली उत्पादन तक के कारोबार में मौजूद है।
अदाणी ग्रुप की मार्केट वैल्यूएशन करीब 100 अरब डॉलर तक घट गई थी।
मामले की सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई
SEBI की यह जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हो रही है और मंगलवार 29 अगस्त यानी आज इस मामले में कोर्ट सुनवाई करेगा। रिपोर्ट में एक दूसरे सूत्र ने बताया कि SEBI की अभी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की कोई योजना नहीं है। वहीं इस पूरे मामले में अपना आदेश पारित करने के साथ ही सभी रिपोर्ट को सार्वजनिक करेगा। इससे पहले शुक्रवार 25 अगस्त को SEBI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उसने अडानी ग्रुप के लेनदेन की जांच लगभग पूरी कर ली है।
रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के 13 मामलों की हुई जांच
रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, "रिलेटेड पार्टी के साथ लेनदेन की पहचान की जानी चाहिए और सूचना दी जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता, तो यह भारतीय लिस्टेड कंपनी की वित्तीय स्थिति की गलत तस्वीर पेश कर सकता है।" SEBI ने कोर्ट में जमा डॉक्यूमेंट्स में कहा कि उसने रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के 13 मामलों की जांच की है। सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक कंपनी की ओर से प्रत्येक उल्लंघन पर अधिकतम जुर्माना 1 करोड़ रुपये (1,21,000 डॉलर) तक हो सकता है।
