क्रेडिट स्कोर सुधरते ही कम हो सकता है मौजूदा लोन का ब्याज! जानें बैंक से रेट घटवाने का तरीका

अगर आपका क्रेडिट स्कोर पहले से बेहतर हो गया है, तो मौजूदा लोन पर कम ब्याज पाने का मौका मिल सकता है। जानिए बैंक से ब्याज दर कम करने की मांग कैसे करें और कब बैलेंस ट्रांसफर फायदेमंद हो सकता है।

आजकल ज्यादातर लोग घर, कार या निजी जरूरतों के लिए बैंक से लोन लेते हैं। लोन लेते समय बैंक आपकी सैलरी, भुगतान करने की क्षमता और क्रेडिट स्कोर जैसे कई पहलुओं को देखता है। अगर उस समय आपका क्रेडिट स्कोर कम था, तो संभव है कि आपको ज्यादा ब्याज दर पर लोन मिला हो। लेकिन अगर समय के साथ आपने सभी EMI और क्रेडिट कार्ड के बिल समय पर चुकाए हैं और आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर हो गया है, तो आप मौजूदा लोन पर ब्याज कम कराने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, सिर्फ क्रेडिट स्कोर बढ़ने से ब्याज दर अपने आप कम नहीं होती।

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RBI के नियम से कैसे मिल सकती है राहत?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2025 में लोन की ब्याज दरों से जुड़े नियमों में बदलाव किया था, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुए। इसके तहत बैंक कुछ शर्तों के आधार पर तीन साल पूरे होने से पहले भी फ्लोटिंग रेट वाले लोन पर अपना स्प्रेड कम कर सकते हैं। स्प्रेड वह अतिरिक्त ब्याज होता है, जिसे बैंक अपने बेंचमार्क रेट के ऊपर जोड़ता है। इसमें ग्राहक के क्रेडिट जोखिम को भी ध्यान में रखा जाता है। अगर बैंक की समीक्षा में यह सामने आता है कि आपका क्रेडिट प्रोफाइल पहले से काफी बेहतर हो गया है, तो वह ब्याज दर कम करने पर विचार कर सकता है। लेकिन बैंक के लिए हर ग्राहक की ब्याज दर घटाना अनिवार्य नहीं है।

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