8th Pay Commission : क्या है फैमिली फैक्टर, क्यों बड़े परिवार की मांग कर रहे कर्मचारी?

8वें वेतन आयोग के सामने तमाम कर्मचारी संगठनों ने फिटमैंट फैक्टर की तरह ही एक खास फैमिली फैक्टर पर जोर दिया है। इसके तहत कर्मचारी परिवार की गणना में बदलाव की मांग कर रहे हैं।

8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी, इसका जवाब सिर्फ फिटमेंट फैक्टर में नहीं छिपा है। इस बार कर्मचारी संगठनों ने फैमिली यूनिट यानी परिवार की खपत इकाइयों को भी बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा 3 यूनिट के आधार पर न्यूनतम वेतन तय करना आज के पारिवारिक खर्चों की सही तस्वीर नहीं दिखाता। इसलिए परिवार की गणना 5 यूनिट के आधार पर होनी चाहिए। अगर यह मांग स्वीकार होती है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी और फिटमेंट फैक्टर, दोनों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

8th Pay Commission family factor

8वें वेतन आयोग में फैमिली फैक्टर

क्या है फैमिली फैक्टर?

फैमिली फैक्टर को आसान भाषा में समझें तो यह उस परिवार के आकार और उसकी जरूरी जरूरतों का अनुमान है, जिसके आधार पर न्यूनतम वेतन तय किया जाता है। कर्मचारी को सिर्फ अपना खर्च नहीं उठाना होता, बल्कि परिवार की जरूरतों की जिम्मेदारी भी उसके ऊपर होती है। 7th Pay Commission में न्यूनतम वेतन तय करने के लिए 3 फैमिली यूनिट को आधार माना गया था। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इसमें आश्रित माता-पिता की जिम्मेदारी को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। 8th Pay Commission के लिए कई कर्मचारी संगठन इसी व्यवस्था को बदलकर 5 यूनिट करने की मांग कर रहे हैं। यानी मांग यह है कि वेतन तय करते समय कर्मचारी के परिवार की वास्तविक आर्थिक जिम्मेदारियों को ज्यादा महत्व दिया जाए।

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