Gold Import: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ मुक्त व्यापार समझौते के तहत सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए खाड़ी देश से रियायती दर पर आभूषण विनिर्माताओं और कारोबारियों द्वारा 160 टन तक सोने के आयात को अधिसूचित किया है। मंगलवार को एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) के रूप में दर्ज यह समझौता एक मई, 2022 को लागू हुआ था।
यूएई से होगा सोना आयात (तस्वीर-Canva)
यूएई से सालाना 200 टन सोना आयात पर सहमति
इस मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत भारत ने शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) के तहत एक प्रतिशत शुल्क रियायत के साथ यूएई से सालाना 200 टन तक सोना आयात करने पर सहमति जताई हुई है। अधिकारी ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में भारत ने 140 टन और वर्ष 2024-25 के लिए 160 टन आयात अधिसूचित किया था। थिंक-टैंक जीटीआरआई ने जून में अपनी रिपोर्ट में कहा था कि यूएई से भारत का स्वर्ण आयात वित्त वर्ष 2022-23 में तीन अरब डॉलर से 147.6 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 7.6 अरब डॉलर हो गया।
सोने और चांदी पर सीमा शुल्क घटा
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण भारत का स्वर्ण आयात अप्रैल-जुलाई 2024-25 के दौरान 4.23 प्रतिशत घटकर 12.64 अरब डॉलर का रह गया। सरकार ने बजट में सोने और चांदी पर सीमा शुल्क को 15 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत कर दिया है।
सोने आयात का मुख्य स्रोत स्विटजरलैंड
वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का स्वर्ण आयात 30 प्रतिशत बढ़कर 45.54 अरब डॉलर हो गया था। भारत के लिए स्विटजरलैंड सोने के आयात का सबसे बड़ा स्रोत है जिसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। इसके बाद यूएई (16 प्रतिशत से अधिक) और दक्षिण अफ्रीका (लगभग 10 प्रतिशत) का स्थान है। देश के कुल आयात में सोने का हिस्सा पांच प्रतिशत से अधिक है।
