BH या भारत सीरीज नंबर प्लेट्स को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा पिछले साल अगस्त में पेश किया गया था। BH number series के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत पिछले साल सितंबर में शुरू की गई थी। एक राज्य से दूसरे राज्य में वाहनों के पंजीकरण को स्थानांतरित करने के बोझ को दूर करने विचार के साथ BH नंबर सीरीज को लाया गया है।
BH number series
उदाहरण के तौर पर बात करें तो अगर दिल्ली में DL नंबर प्लेट वाली कार रजिस्टर्ड है, तो वह किसी अन्य राज्य में केवल 12 महीने तक चल सकती है। यदि कार मालिक नए राज्य में जाने का फैसला करता है, तो उसे उस विशेष राज्य में कार को रजिस्टर करवाना होगा। ये नियम मोटर वाहन अधिनियम, 1988, धारा 47 के अंतर्गत आता है।
BH series की क्या है जरूरत?
BH series के तहत कार मालिकों को इस बोझिल प्रक्रिया से राहत मिलती है और वे आसानी से एक राज्य से दूसरे राज्य में जा सकते हैं। BH number series होने से कार मालिकों को समय और पेपरवर्क करने से राहत मिलेगी।
क्या BH series के लिए कोई कर सकता है अप्लाई?
नहीं। BH नंबर सीरीज के लिए हर कोई अप्लाई नहीं कर सकता। इसका मकसद सरकारी अधिकारियों को नियमित तबादलों से होने वाले झंझट से बचाना है। ऐसे में सरकारी और राज्य के कर्मचारी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं साथ ही प्राइवेट कर्मचारी भी इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं जिनके चार से ज्यादा राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में ऑफिस हैं।
BH series के लिए कैसे करें अप्लाई?
इसके लिए कार मालिकों को एलिजिबिलिटी प्रूफ की जरूरत होगी और वे MoRTH के वाहन पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं। ये कार कार खरीदते वक्त ऑटोमोबाइल डीलर की मदद से भी किया जा सकता है। डीलर को मालिक की ओर से पोर्टल पर फॉर्म 20 भरना होगा। प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को को फॉर्म 60 भरना होगा और एक एम्प्लॉयमेंट ID और वर्क सर्टिफिकेट देना होगा।
