Semiconductor Chip Shortage: दुनिया भर में फिलहाल जो परेशान करने वाली समस्या बनी हुई है वो सेमीकंडक्टर चिप की तंगी है। इसका असर अब आरटीओ विभाग में भी दिखनने लगा है, क्योंकि ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी देरी से ग्राहकों को मिल रही है। ये उन राज्यों की समस्या है जहां स्मार्ट कार्ड डीएल और आरसी लोगों को मुहैया कराए जाते हैं। वर्सेटाइल कार्ड टेक्नोलॉजी के सीईओ पेथी सरगुरु ने कहा कि पूरी 2022 और 2023 की शुरुआत तक चिप की ये तंगी सप्लाई चेन और रशिया-यूक्रेन युद्ध की वजह से आई। इससे मार्केट में चिप की कमी आई और स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस मिलने बंद हो गए।
मार्केट में चिप की कमी आई और स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस मिलने बंद हो गए।
अब भी नहीं मिल रहे स्मार्ट डीएल
इस मामले की जानकारी रखने वाले कई लोगों ने बताया कि स्मार्ट कार्ड आधारित डॉक्युमेंट्स के लिए अब तक कई राज्यों में टेंडर जारी नहीं किए गए है। ईटी से बातचीत के दौरान महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, विवेक भिमनवार ने कहा कि महाराष्ट्र में स्मार्ट ड्राइवर्स लाइसेंस के लिए टेंडर मनिपाल टेक्नोलॉजीस को दे दिया गया है। इसके अलावा इन्होंने बताया कि सप्लायर के काम शुरू करने के दो-तीन महीने में सेमीकंडक्टर चिप की कमी बहाल हो जाएगी।
डिजि लॉकर भी बहुत जोरदार
बहुत सारे ऑटोमोटिव डीलर्स के हवाले से ये जानकारी मिली है कि डीलरशिप की ओर से स्माट आरसी के अलावा स्मार्ट डीएल मिलने में देरी हो रही है। इस समय पर मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा चलाया जाने वाला डिजि लॉकर बड़े काम की चीज बन जाता है। इसमें आप ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी जैसे सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं जिसके बाद किसी डॉक्युमेंट की हार्ड कॉपी रखने की जरूरत नहीं पड़ती।
