Maa Kali Story: हर प्रतिमा या फोटो में मां काली की जीभ बाहर क्यों निकली होती है? जानें इसके पीछे की कहानी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 17, 2022, 10:43 PM IST

Maa Kali Tongue: मां दुर्गा के नौ रूपों में एक है मां काली का अवतार। मां काली की उत्पत्ति राक्षसों और दैत्य शक्तियों का नाश करने के लिए हुई। मां काली को लेकर शास्त्रों में कई तरह की कथाएं मिलती हैं। मां काली की सभी तस्वीरों और प्रतिमाओं में उनकी जीभ बाहर निकली हुई होती है, जोकि हमेशा भक्तों के बीच जिज्ञासा का केंद्र रही है।

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Story Of Maa Kali Tongue: महाकाली या मां काली भगवती दुर्गा का ही एक अवतार है, जो कि विकराल रूप के लिए जानी जाती हैं। कहा जाता है मां काली के क्रोध को समस्त संसार की शक्तियां भी काबू नहीं कर सकती। मां काली अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। जो भी पूरी श्रद्धा और निष्ठा से उनकी भक्ति करता है, मां काली का आशीर्वाद सदैव उसपर बना रहता है। मां काली का यह रौद्र रूप केवल राक्षसों और दैत्य के लिए है। मां काली के विकराल और क्रोध रूप को लेकर शास्त्रों में कई तरह की कथाएं वर्णित हैं।

आपने ऐसी कई तस्वीरें देखी होंगी जिसमें मां काली के चरणों के नीचे भगवान शंकर लेटे हुए दिखाईृ देते हैं। शिवजी के सीने पर मां काली का चरण होता है और मां काली की चीभ बाहर निकली होती है। कहा जाता है कि मां काली के क्रोध के आगे भगवान शंकर भी नतमस्तक हो गए थे।लेकिन क्या आप जानते हैं आखिर क्यों भगवान शिव मां काली के चरणों ने नीचे आ गए और क्यों मां काली ने अपनी जीभ बाहर निकाल ली। मां काली की कई कथाओं में एक है रक्तबीज नामक दैत्य की कथा, जोकि इस प्रकार है।  

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