- नागरिकता (संशोधन) विधेयक (CAB) लोकसभा से पारित हो गया है
- इसको लेकर असम में सबसे ज्यादा विरोध प्रदर्शन देखने में आ रहा है
- गुवाहाटी के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े जुलुस निकाले गए,प्रदर्शनकारियों से सुरक्षा बलों की झड़प भी हुई
नई दिल्ली: नागरिकता (संशोधन) विधेयक (CAB) सोमवार को लोकसभा (Loksabha) से पारित हो गया है इसको लेकर पूर्वोत्तर के अहम राज्य असम में सबसे ज्यादा विरोध प्रदर्शन देखने में आ रहा है। असम में लोग सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के इस कदम का विरोध कर रहे हैं इन लोगों का कहना है कि इस बिल के जरिए राज्य की पहचान खत्म हो जाएगी।
असम में नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ दो छात्र संगठनों के राज्यव्यापी बंद के आह्वान के बाद ब्रह्मपुत्र घाटी में जनजीवन ठप्प सा रहा।असम में ऑल स्टूडेंट्स यूनियन, नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन, वामपंथी संगठनों-एसएफआई, डीवाईएफआई, एडवा, एआईएसएफ और आइसा ने बंद आहूत की है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी और टायर जलाए।
गुवाहाटी के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े जुलुस निकाले गए। प्रदर्शनकारी नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 के खिलाफ नारे लगा रहे थे। सचिवालय और विधानसभा की इमारतों के बाहर गुवाहाटी में प्रदर्शनकारियों से सुरक्षा बलों की झड़प भी हुई क्योंकि पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक रही थी।
असम में ट्रेन सेवा भी प्रभावित हुई है क्योंकि रेलवे की पटरियों पर अवरोधक लगाए गए हैं।असमी फिल्मों के कलाकारों और गायकों ने चांदमारी क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया।
कई कलाकारों ने उजान बजार में एक रैली में हिस्सा लिया। वहीं गुवाहाटी विश्वविद्यालय, कॉटन विश्वविद्यालय, असम कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी इस विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की।
त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में भी नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ लोगों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। कांग्रेस के साथ-साथ कई राजनीतिक दल भी इस बिल में मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता नहीं दिए जाने के प्रावधान का विरोध कर रहे हैं।
लोकसभा में इस बिल को सोमवार को पेश किए जाने से पहले त्रिपुरा में विरोध प्रदर्शन हो रहा था। संसद परिसर में एआईयूडीएफ के सांसद बदरुद्दीन अजमल ने बैनर के साथ विरोध किया था।