अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों में तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस पर नए प्रतिबंधों में राहत देने, रूसी डीजल ईंधन आयात के समझौते की घोषणा करने और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को बातचीत में किसी दूसरे प्रतिनिधि की जरूरत बताने वाले बयान ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, यूक्रेन के ड्रोन अभियानों में इस्तेमाल होने वाली अमेरिकी सैटेलाइट सेवा पर लगी पाबंदियों ने कीव की सैन्य क्षमता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (File Photo)
अटलांटिक काउंसिल के विशेषज्ञ और यूक्रेन में अमेरिका के पूर्व राजदूत जॉन हर्बस्ट ने मौजूदा स्थिति को अमेरिका की रूस और यूक्रेन नीति के लिहाज से बेहद खराब बताया। उनके अनुसार, ट्रंप की नीतियां रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पक्ष में जाती दिखाई दे रही हैं। हालांकि, हर्बस्ट का मानना है कि ट्रंप अपना रुख बदल भी सकते हैं।
पिछले साल ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में जेलेंस्की की आलोचना करते हुए उनसे समझौता करने या अमेरिकी समर्थन खोने की चेतावनी दी थी। इसके बाद वॉशिंगटन ने कुछ समय के लिए खुफिया जानकारी साझा करना रोक दिया था। हालांकि, उसी साल जुलाई में ट्रंप ने कहा था कि दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध विकसित हुए हैं।
रूस पर प्रतिबंधों में राहत और डीजल आयात का फैसला
ट्रंप ने शुक्रवार को उस विधेयक के तहत रूस पर प्रतिबंधों में छूट देने का फैसला किया, जिसे अमेरिकी कांग्रेस ने यूक्रेन के समर्थन में भारी बहुमत से पारित किया था। दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर बने इस कानून का उद्देश्य रूस के युद्ध को आर्थिक मदद देने वाले वित्तीय संसाधनों पर रोक लगाना था।
इससे पहले ट्रंप ने रूस से डीजल ईंधन आयात करने के समझौते की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य ईंधन की ऊंची कीमतों को कम करना बताया गया। हालांकि, रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के नेताओं ने इस कदम की आलोचना की। उनका कहना है कि इससे रूस को फायदा हो सकता है, जबकि वैश्विक ईंधन कीमतों पर इसका खास असर पड़ने की संभावना नहीं है।
