Zelensky Trump Russian Refineries Strikes Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका और यूक्रेन के संबंधों में एक बार फिर बड़ा तनाव पैदा हो गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने यूक्रेन से रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को कहा था।
अमेरिकी-रूस डीजल समझौते पर आगबबूला यूक्रेन, बोला- ट्रंप की सुनकर रूसी रिफाइनरियों पर नहीं रोकेंगे हमला, US राष्ट्रपति भड़के
यूक्रेनी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कीव ने साफ कर दिया है कि वह अब अमेरिकी पाबंदियों या दबाव के आगे झुककर अपनी सामरिक सैन्य रणनीतिक कार्रवाई को नहीं रोकेगा।
अमेरिका-रूस डीजल समझौते पर भड़के जेलेंस्की
दोनों देशों के बीच यह खटास तब और बढ़ गई जब पिछले हफ्ते अमेरिका ने रूस पर से कुछ प्रतिबंधों में ढील दी। इसके बदले में मॉस्को ने वैश्विक बाजारों में भारी मात्रा में डीजल की आपूर्ति करने पर सहमति जताई।
इस अमेरिकी-रूसी डीजल समझौते से नाराज जेलेंस्की ने इसे एक 'कमजोर फैसला' (Weak Decision) करार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के समझौतों से रूस को यूक्रेन के खिलाफ साढ़े चार साल से चल रहे युद्ध को और लंबा खींचने का प्रोत्साहन मिलेगा। इस समझौते की यूक्रेन के कई यूरोपीय सहयोगियों ने भी तीखी आलोचना की है।
डोनाल्ड ट्रंप का मीडिया इंटरव्यू: जेलेंस्की और वैश्विक मुद्दों पर दो टूक
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में अमेरिकी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कई तीखे बयान दिए हैं:
जेलेंस्की पर ट्रंप का बयान
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'जेलेंस्की ऐसे व्यक्ति नहीं हैं, जिनके साथ हमारे लिए बातचीत करना अच्छा हो। जेलेंस्की समझौता नहीं करना चाहते। वह कहते हैं कि वह समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। मैं जेलेंस्की का बहुत बड़ा प्रशंसक नहीं हूं। जेलेंस्की ने यूक्रेन को तबाह कर दिया है।' उन्होंने आगे कहा कि रूस एक बहुत बड़ा देश है। रूस के 10 लाख सैनिक मारे जा सकते हैं, और उसके पास लाखों अन्य सैनिक भी हैं। लेकिन यूक्रेन के पास इतनी बड़ी संख्या में सैनिक नहीं हैं।
युद्ध के मैदान में बढ़ते टकराव के आसार
विश्लेषकों का मानना है कि रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों को रोकने के लिए अमेरिका का दबाव काम नहीं आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा की गई तीखी टिप्पणियों और यूक्रेन के कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी देशों और कीव के बीच कूटनीतिक दूरियां और गहरी हो सकती हैं।
