फ्रांस में महंगाई, स्कूलों की खराब स्थिति और बढ़ती जीवन-यापन लागत के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। पेरिस पुलिस ने सोमवार रात राजधानी के दो इलाकों में कर्फ्यू लागू करने का आदेश दिया। इसका उद्देश्य लोगों और संपत्तियों को हिंसा व लूटपाट से बचाना है। देशभर में हुई हिंसा के दौरान कम से कम 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
फ्रांस में हिंसा के बाद पेरिस के दो इलाकों में रात का कर्फ्यू
पुलिस के आदेश के मुताबिक, पेरिस के प्लास दे ला रिपब्लिक और शॉपिंग इलाके लेस हाल में सोमवार रात 11 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान इन इलाकों में प्रवेश करने या वहां मौजूद रहने पर रोक होगी। प्लास दे ला रिपब्लिक में शनिवार को हिंसा हुई थी, जबकि लेस हाल में दुकानों में लूटपाट की घटनाएं सामने आई थीं। पुलिस ने सोमवार रात 8 बजे से सभाओं और प्रदर्शनों पर भी प्रतिबंध लगाया।
प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सोमवार को सीमित और कुछ खास इलाकों तक कर्फ्यू लगाने की जरूरत बताई थी। उत्तरी फ्रांस के कई शहरों, जिनमें लिली भी शामिल है, में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और किशोरों के लिए रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है। यह प्रतिबंध सोमवार से अगले दो दिनों तक लागू रहेगा। फ्रेंच रिवेरा के शहर नीस में भी नाबालिगों के लिए रात 9 बजे से कर्फ्यू लगाया गया है।
राष्ट्रपति मैक्रों ने गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकराया
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे स्वीकार नहीं किया। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, मौजूदा हालात में कानून-व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों की कमान जारी रखना जरूरी है। मैक्रों ने गृह मंत्री को हिंसा से पहले की गई तैयारियों और खुफिया जानकारी जुटाने में हुई चूक की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने हिंसा रोकने के लिए जल्द से जल्द पुलिस की नई रणनीतियां लागू करने को भी कहा।
