Trump France Violence Immigration: महंगाई, गिरती सार्वजनिक सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था में बदहाली को लेकर फ्रांस में हुए व्यापक प्रदर्शनों ने उग्र और हिंसक रूप ले लिया है। देश के विभिन्न हिस्सों में हुई तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट की घटनाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) के तीखे बयान सामने आए हैं। ट्रंप ने फ्रांस की इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर इमिग्रेशन (प्रवास) को जिम्मेदार ठहराया है।
'फ्रांस जल रहा है, अपने बॉर्डर बंद करो': फ्रांस में भड़की उग्र हिंसा और आगजनी पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, इमिग्रेशन को ठहराया जिम्मेदार
'फ्रांस जल रहा है, बॉर्डर सील करो': ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर पोस्ट
फ्रांस की सड़कों पर मचे बवाल और लगभग 143 साल पुरानी लिमोगेस (Limoges) सिटी हॉल की इमारत को आग के हवाले किए जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'फ्रांस जल रहा है! बिल्कुल अलग दुनिया से आए लोगों के इमिग्रेशन, ऐसे लोग जिनके दिलों में नफरत भरी है, उन्होंने उस कभी महान रहे देश को तबाह कर दिया है। इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, अपने बॉर्डर बंद करो और नियंत्रण अपने हाथ में लो! - राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप'
ट्रंप ने इससे पहले भी तंज कसते हुए कहा था कि फ्रांस क्रांतियों के लिए जाना जाता है और अब वहां स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो चुकी है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने लिबरल नीतियों पर साधा निशाना
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी फ्रांस की हिंसा के लिए पश्चिमी उदारवादी (Western Liberal) नीतियों और बहुसंस्कृतिवाद (Multiculturalism) को जिम्मेदार ठहराया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी राय रखते हुए वेंस ने लिखा, 'पश्चिमी लिबरल्स ने विविधता और करुणा के नाम पर तीसरी दुनिया के लोगों को फ्रांस और अन्य देशों में बसाया। उन्होंने आत्मसातीकरण और अनुकूलता के मूलभूत प्रश्नों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया।'
वेंस ने कहा कि उन्हें पहले ही चेतावनी दी गई थी कि ऐसा होगा, लेकिन उन्होंने नहीं सुना। उन्होंने कहा, 'मैं प्रार्थना करता हूं कि फ्रांस अपनी और ऐतिहासिक इमारतों को जलने से बचाने के लिए इस पागलपन को रोकेगा।' उन्होंने अमेरिकी जनता को आगाह करते हुए कहा कि डेमोक्रेट्स देश को इसी दिशा में ले जाना चाहते हैं।
1,800 से अधिक गिरफ्तारियां, सैकड़ों पुलिसकर्मी घायल
फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, 17 अक्टूबर को हुए इस प्रदर्शन में देशभर में करीब 5,500,000 लोग सड़कों पर उतरे थे, जबकि ट्रेड यूनियनों (CGT) का दावा है कि यह आंकड़ा 800,000 के पार था। हालांकि अधिकांश मार्च शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुए थे, लेकिन बाद में कई शहरों में हिंसा भड़क उठी।
फ्रांसीसी अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार और रविवार के दौरान हुई हिंसा में अब तक लगभग 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि झड़पों और उपद्रव में सैकड़ों पुलिसकर्मी और आपातकालीन सेवा कर्मी घायल हुए हैं।
