Sep 20, 2026
हम सबके साथ ऐसा होता है कि जब भी हम अपनी आवाज फोन में सुनते हैं तो लगता है - ये मेरी आवाज है ही नहीं या फिर मेरी आवाज इतनी अजीब क्यों लग रही है? क्या आपको पता है कि ऐसा हमें क्यों लगता है? अगर नहीं तो चलिए हम बता देते हैं आपको।
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जब आप बोलते हो, तो आवाज 2 रास्तों से आपके कान तक जाती है। पहला हवा के जरिए- जो सब सुनते हैं और दूसरा हड्डियों के जरिए- जो सिर्फ आप सुनते हो।
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जब आप बोलते हो तो आपके गले और सिर की हड्डियां भी थरथराती हैं। ये कंपन सीधे आपके कान के अंदर जाता है। इसे कहते हैं बोन कंडक्शन। इसकी वजह से आपकी आवाज आपको ज्यादा गहरी और भारी लगती है।
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फोन या माइक सिर्फ हवा वाली आवाज रिकॉर्ड करता है। हड्डियों वाली गहरी आवाज रिकॉर्ड ही नहीं होती इसलिए रिकॉर्डिंग में आपकी आवाज पतली और अलग लगती है।
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आप बचपन से अपनी आवाज को हड्डियों वाले भारी वर्जन में सुन रहे हो। दिमाग को वही असली लगता है। जब अचानक पतली वाली रिकॉर्डेड आवाज सुनते हो तो दिमाग कहता है- ये मैं नहीं हूं।
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सच्चाई ये है कि रिकॉर्डिंग वाली आवाज ही असली है। दुनिया आपको उसी आवाज में सुनती है जो रिकॉर्डिंग में है। जो भारी आवाज आप सुनते हो, वो सिर्फ आपके सिर के अंदर है।
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इसका जवाब है, बिल्कुल नहीं! आपकी आवाज खराब नहीं है, बस अनजान है। आपने अपनी असली आवाज कभी ध्यान से सुनी ही नहीं। इसलिए अजीब लगती है। धीरे-धीरे आदत हो जाती है।
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सिंगर, यूट्यूबर, न्यूज एंकर रोज अपनी रिकॉर्डिंग सुनते हैं। ताकि वो अपनी असली आवाज से दोस्ती कर लें। आप भी 1 हफ्ते रोज अपनी आवाज रिकॉर्ड करके सुनो, अजीब लगना बंद हो जाएगा।
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अपना एक हाथ कान पर लगाओ और बोलो। अब हाथ हटाकर बोलो। फर्क दिखा? हाथ लगाने पर हड्डी वाली आवाज ज्यादा साफ सुनाई देती है। यही वजह है रिकॉर्डिंग अलग लगने की।
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