Sep 11, 2026
आमतौर पर जब भी हम JCB और क्रेन को देखते हैं तो हमें लगता है कि शायद यहीं सबसे बड़ी मशीनें होती होंगी लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि इस दुनिया की सबसे बड़ी मशीन इतनी ज्यादा बड़ी है कि उसके सामने JCB किसी चींटी की तरह समझ आएगी।
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जी हां! इस दुनिया की सबसे बड़ी मशीन है बैगर 293 (Bagger 293), यह मशीन एक विशालकाय बकेट व्हील एस्केवेटर है। इस मशीन का आकार इतना बड़ा है कि इसके सामने अगर एक JCB को खड़ी कर दी जाए तो वह किसी चींटी की तरह दिखेगी।
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इस मशीन की लंबाई 530 मीटर है, यानी करीब 5 फुटबॉल फिल्ड जितनी लंबी। जबकि इसकी ऊंचाई 110.5 मीटर है यानी किसी 35 मंजीला इमारत जितनी।
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इस मशीन का वजन सुनेंगे तो यकीनन आप हैरान हो जाएंगे। दरअसल, इस मशीन का वजन 30226 टन है। यानी कि अगर 5 टन का एक हाथी है तो इसका वजन 6000 हाथियों के बराबर होगा।
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इस मशीन की विशाल बकेट व्हील की बात करें तो इसका डायमीटर 21.6 मीटर है, यानी यह लगभग 6 मंजीला बिल्डिंग जितनी ऊंची है।
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इस बकेट व्हील का वजन करीब 4 हजार टन है। इस व्हील में 18 बड़े-बड़े लोहे के बकेट लगे हुए हैं और हर बकेट में करीब 6600 लीटर मैटेरियल आ सकता है।
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यह व्हील 4-7 RPM पर घूमता है लेकिन हर रोटेशन में हजारों लीटर मिट्टी और ओवर बर्डन काटकर कन्वेयर बेलट पर डालता है। इस मशीन की क्षमता तो पूछिए ही मत।
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बैगर 293, केवल 1 दिन में करीब 2 लाख 40 हजार क्यूबिक मीटर मैटेरियल मूव कर सकती है। यानी 8.5 मिलियन क्यूबिक फीट, यानी इतना मैटेरियल एक फुटबॉल फिल्ड पर फैला दी जाए तो इसकी लेयर 45 मीटर ऊंची होगी। यानी 14-15 मंजिला बिल्डिंग जितनी।
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बैगर 293 मशीन डीजल या पेट्रोल से नहीं चलती बल्कि इसे चलाने के लिए बाहर 16.56 मेगा वॉट इलेक्ट्रिकल पावर की जरूरत पड़ती है। जो लगभग 28000 हॉर्स पावर के बराबर है और इसके बकेट व्हील को घुमाने के लिए हैवी इंडस्ट्रियल मोटर की जरूरत पड़ती है।
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इस मशीन को चलाने के लिए इसमें पहिए की जगह क्रॉलर ट्रैक्स लगे हुए हैं। जिसकी चौड़ाई करीब दो कारों जितना है। इसकी मैक्सीमम स्पीड 0.6 किमी प्रति घंटा है। यह मशीन धीरे-धीरे क्रॉल करती है और सामने के बकेट व्हील अर्थ मैटेरियल्स उठाते हैं और उन्हें कन्वेयर बेल्ट पर डालते हैं।
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इस मशीन को चलाने के लिए लगभग 5 लोगों की टीम की जरूरत होती है। बैगर 293 को 1995 में जर्मनी में बनाया गया था और आज भी यह जर्मनी की ओपन-पिट लिग्नाइट माइन में काम करती है।
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