Jun 15, 2023
मलिक काफूर एक गुलाम था जिसे अलाउद्दीन खिलजी के चाचा और ससुर जलालुद्दीन खिलजी ने उसे भेंट में दिया था।
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1297 में नुसरत खां ने उसे 1000 दीनार में खरीदा था। इसीलिए मलिक काफूर इतिहास में हजार दिनारी के नाम से भी जाना जाता है।
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कहा जाता है कि खिलजी का खास मलिक काफूर मूलतः एक हिंदू था, वह गुजरात का रहने वाला था।
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बरनी के मुताबिक, अलाउद्दीन खिलजी एक किन्नर गुलाम मलिक काफूर के प्यार में पागल था।
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मलिक काफूर अलाउद्दीन खिलजी के इशारे पर कुछ भी करने को तैयार रहता था।
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मलिक काफूर अलाउद्दीन खिलजी के इशारे पर कुछ भी करने को तैयार रहता था।
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इतिहासकार जियाउद्दीन बरनी के विवरण के अनुसार अलाउद्दीन और काफूर के बीच समलैंगिक संबंध थे।
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6 जनवरी 1316 को अलाउद्दीन खिलजी का निधन हो गया था। इतिहासकारों के मुताबिक खिलजी को मलिक काफूर ने जहर दिया था।
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इसके बाद उसने खिलजी के तीन साल के बेटे शिहाबुद्दीन उमर को सिंहासन पर बैठा दिया। इसके कुछ महीने बाद ही अलाउद्दीन के पूर्व अंगरक्षकों ने सिर कलम कर उसकी हत्या कर दी।
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