तेज हवा के कारण सागर की लहरें उठती हैं और सागर में ही समा जाती हैं। उनका अलग कोई अस्तित्व नहीं होता, ऐसे ही परमात्मा के बिना मानव का कोई अस्तित्व नहीं होता।
Credit: Canva
कर्म ही धर्म
कर्म करना हमारा धर्म है, फल पाना हमारा सौभाग्य है।
Credit: Canva
गुणवान की करें पूजा
ब्राह्मण मत पूजिए जो होवे गुणहीन, पूजिए चरण चंडाल के जो होवे गुण प्रवीन।
Credit: Canva
You may also like
बिना कोचिंग 22 की उम्र में IAS बनी ये खू...
एक्साइज इंस्पेक्टर बनने के दो दिन बाद आय...
कर्म से बनें महान
रविदास जन्म के कारनै, होत न कोउ नीच। नर कूँ नीच करि डारि है, ओछे करम की कीच।
Credit: Canva
माता पिता और गुरु की सेवा
माता पिता गुरुदेव, तीन देव लोक माही। इनकी सेवा कर लेवो, हरि को भजो रज खाही।
Credit: Canva
जहां प्रेम, वहां स्वर्ग
जहां पर प्रेम न होय, वहां पर नरक समीप। जहां पर प्रेम रहे, वहां बैकुंठ लोक सदीप।
Credit: Canva
प्रेम ही राम, प्रेम ही रहीम
संत भाखै रविदास, प्रेम काज सदा निराला। प्रेम ही राम, प्रेम ही रहीम, प्रेम ही सब सारा।
Credit: Canva
सभी मनुष्य समान
सभी मनुष्य समान हैं, चाहे उनकी जाति, धर्म या लिंग कुछ भी हो।
Credit: Canva
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स
Next: बिना कोचिंग 22 की उम्र में IAS बनी ये खूबसूरत लड़की, पहले प्रयास में रचा इतिहास