छोड़ी Google की नौकरी, कई बार हुए असफल फिर UPSC टॉप कर रच दिया इतिहास

Neelaksh Singh

Sep 09, 2024

​छोड़ी ड्रीम जॉब​

भारत में हजारों लाखों युवाओं का सपना IAS बनना होता है। यदि प्राइवेट सेक्टर की बात की जाए, तो किसी बड़ी आईटी या डिजिटल मार्केटिंग कंपनी और Google जैसी दफ्तरों में नौकरी पाना ड्रीम जॉब से कम नहीं होता है।

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​Google की नौकरी छोड़ते वक्त नहीं किया संकोच​

लेकिन अनुदीप दुरीशेट्टी उनमें से हैं जिन्होंने अपना सपना पूरा करने के लिए Google की बड़ी नौकरी को छोड़ने में संकोच नहीं किया।

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​यूपीएससी किया टॉप​

आज वे सिर्फ इसलिए नहीं जाने जाते कि वे एक IAS हैं, बल्कि कई असफलताओं की सीढ़ी चढ़कर 'ऑल इंडिया रैंक 1' हासिल करने वाले आईएएस अफसर हैं।

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​Google एक बहुत बड़ी कंपनी​

प्राइवेट सेक्टर की बात करें तो Google में नौकरी पाना आसान नहीं है, यहां एक बार पर्मानेंट नौकरी मिल गई तो करियर सेट लाइफ सेट जैसी विचार दिमाग में घर कर लेते हैं।

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​ख्वाब के लिए छोड़ी गूगल की नौकरी​

लेकिन अनुदीप दुरीशेट्टी उनमें से हैं, जिनका सपना सिर्फ और सिर्फ IAS बनना था, वे Google में अच्छी खासी नौकरी कर रहे थे लेकिन मन ही मन अपने सपने (IAS बनना) को जिंदा रखे थे।

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​हासिल की ऑल इंडिया रैंक 1​

उन्होंने IAS बनने के लिए Google की नौकरी छोड़ी, वे एक नहीं कई बार असफल हुए, लेकिन इरादों को कमजोर नहीं पड़ने दिया, और ऐसी मेहनत की कि 'ऑल इंडिया रैंक 1' हासिल कर इतिहास रच दिया।

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​तेलंगाना से स्कूलिंग, बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग​

अनुदीप दुरीशेट्टी तेलंगाना से हैं, और यहीं से स्कूलिंग की। इसके बाद बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री हासिल की, और फिर Google में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर जॉब मिल गई।

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​नौकरी के साथ निकाला प्री और मेंस​

लेकिन उनका सपना तो आईएएस बनना था, इसलिए वे जॉब के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी करते रहे। कमाल की बात यह थी कि जॉब के साथ साथ उन्होंने प्री और मेंस क्लियर कर दिया, बस इंटरव्यू में चूक गए।

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​कमियों पर किया निरंतर काम​

अनुदीप ने अपनी कमियों पर काम किया और साल 2013 में फिर से यूपीएससी परीक्षा दी, इस बार उन्हें 790 रैंक मिली, जिसके चलते उन्हें 'भारतीय राजस्व सेवा' मिली। लेकिन सपना तो IAS बनना था, इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी को बनाए रखा।

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​मनोबल को बनाए रखा ​

यह निराशा उनके मनोबल के सामने खड़ी नहीं रह सकी और अनुदीप दुरीशेट्टी ने तैयारी को ह​र संभव बेहतर किया। अनुदीप का अंतिम प्रयास आ गया, और उन्होंने इस बार 'ऑल इंडिया रैंक 1' लाकर सफलता का झंडा गाड़ दिया।

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