आजकल ऑनलाइन शॉपिंग करना काफी आसान हो गया है। लोग कपड़े, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घर की जरूरत की चीजें क्रेडिट कार्ड से खरीदते हैं। लेकिन कई बार ऑर्डर करने के बाद सामान पसंद नहीं आता या किसी वजह से ऑर्डर कैंसिल करना पड़ता है। ऐसे में ग्राहक सामान का रिफंड ले लेते हैं।
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है।
लेकिन परेशानी तब होती है, जब रिफंड मिलने के बावजूद क्रेडिट कार्ड का बिल बकाया दिखाई देता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सामान कैंसिल हो चुका है और पैसे भी वापस मिल गए हैं, तो क्या फिर भी क्रेडिट कार्ड का बिल भरना जरूरी है? इसका जवाब समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि क्रेडिट कार्ड का रिफंड कैसे काम करता है और बिल बनने के समय उसका हिसाब किस तरह लगाया जाता है।
क्रेडिट कार्ड से खरीदा सामान लौटाने पर रिफंड कैसे मिलता है?
जब आप क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, तो बैंक की तरफ से पेमेंट की सुविधा मिलती है। इसके बाद आपको तय तारीख तक क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाना होता है। अगर आप सामान वापस कर देते हैं या ऑर्डर कैंसिल कर देते हैं, तो दुकानदार या ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म रिफंड की प्रक्रिया शुरू करता है। क्रेडिट कार्ड से किए गए पेमेंट का रिफंड आमतौर पर आपके क्रेडिट कार्ड अकाउंट में वापस आता है। इससे आपके बकाया बिल की रकम कम हो सकती है या उपलब्ध क्रेडिट लिमिट बढ़ सकती है।
वहीं, अगर आपने कैश ऑन डिलीवरी या UPI से पेमेंट किया था, तो रिफंड आमतौर पर आपके बैंक अकाउंट या संबंधित पेमेंट माध्यम में वापस आता है। रिफंड कहां मिलेगा, यह पेमेंट के तरीके और प्लेटफॉर्म की पॉलिसी पर निर्भर करता है।
रिफंड नहीं आया, लेकिन बिल भरने की तारीख आ गई तो क्या करें?
क्रेडिट कार्ड का रिफंड प्रोसेस होने और अकाउंट में दिखने में आमतौर पर 5 से 14 दिन लग सकते हैं। हालांकि, वास्तविक समय बैंक और मर्चेंट के हिसाब से अलग हो सकता है। मान लीजिए, आपने 10,000 रुपये की शॉपिंग की और ऑर्डर कैंसिल कर दिया। अगर बिल बनने तक रिफंड एडजस्ट नहीं होता, तो आपके स्टेटमेंट में 10,000 रुपये बकाया दिखाई दे सकते हैं।
ऐसी स्थिति में बिल की आखिरी तारीख को नजरअंदाज न करें। बैंक से संपर्क करके बकाया रकम की पुष्टि करें और समय पर भुगतान करें। सिर्फ मिनिमम अमाउंट भरने पर बाकी रकम पर ब्याज लग सकता है और नई खरीदारी पर मिलने वाली ब्याज-मुक्त अवधि भी प्रभावित हो सकती है।
क्रेडिट कार्ड रिफंड एडजस्ट होने के 3 मामले
बिल बनने से पहले रिफंड आ जाए: अगर बिल बनने से पहले रिफंड आपके कार्ड अकाउंट में आ जाता है, तो यह रकम उसी बिलिंग साइकिल में एडजस्ट हो सकती है। इससे आपके बिल की कुल बकाया रकम कम हो सकती है।
बिल बनने के बाद रिफंड आए: अगर बिल बनने के बाद रिफंड मिलता है, तो पुरानी रकम स्टेटमेंट में दिखाई दे सकती है। रिफंड अकाउंट में क्रेडिट होने के बाद बकाया कम हो सकता है। हालांकि, भुगतान की आखिरी तारीख तक कितनी रकम चुकानी है, इसकी पुष्टि बैंक से जरूर करें।
बिल भरने के बाद रिफंड आए: अगर आपने पूरा बिल चुका दिया है और उसके बाद रिफंड आता है, तो रकम आपके कार्ड अकाउंट में क्रेडिट हो सकती है। कुछ मामलों में बैंक के नियमों के अनुसार इसे बैंक अकाउंट में लेने का विकल्प भी मिल सकता है।
रिफंड मिलने पर रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक का क्या होगा?
क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक या एयर माइल्स सामान लौटाने पर वापस लिए जा सकते हैं। यह आपके कार्ड के नियमों पर निर्भर करता है। इसी तरह, अगर रिफंड के बाद आपकी खरीदारी की कुल रकम वेलकम बोनस पाने की तय सीमा से नीचे चली जाती है, तो बैंक बोनस वापस ले सकता है।
कुछ मर्चेंट स्टोर क्रेडिट का विकल्प भी देते हैं। लेकिन स्टोर क्रेडिट लेने से आपके क्रेडिट कार्ड का बकाया अपने आप खत्म नहीं होता। इसलिए पहले अपने कार्ड और मर्चेंट की शर्तें समझ लें।
क्रेडिट कार्ड का बिल भरते समय इन बातों का ध्यान रखें
- क्रेडिट कार्ड का लेटेस्ट स्टेटमेंट और बकाया रकम चेक करें।
- रिफंड शुरू होने और अकाउंट में क्रेडिट होने के बीच का अंतर समझें।
- बिल की आखिरी तारीख से पहले बैंक से भुगतान की सही रकम की पुष्टि करें।
- रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक से जुड़े नियम भी जांच लें।
