आईटी कंपनी कॉग्निजेंट और गूगल क्लाउड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और मजबूत करने का ऐलान किया है। मंगलवार को दोनों कंपनियों ने बताया कि वे मिलकर ‘जेमिनी फ्रंटियर कैपेबिलिटी ग्रुप’ बनाएंगी। इस विशेष समूह में कॉग्निजेंट के 18,000 से अधिक कर्मचारी शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनियों को एआई तकनीक का इस्तेमाल उनके रोजमर्रा के कामकाज में करने में मदद करना है।
क्या करेगा जेमिनी फ्रंटियर कैपेबिलिटी ग्रुप?
क्या करेगा जेमिनी फ्रंटियर कैपेबिलिटी ग्रुप?
PTI/भाषा के मुताबिक इस समूह में गूगल क्लाउड की एआई तकनीक और कॉग्निजेंट के इंजीनियरिंग अनुभव को एक साथ लाया जाएगा। दोनों कंपनियां ऐसे एआई एजेंट तैयार करने पर काम करेंगी, जो कारोबार से जुड़े कई काम खुद कर सकें। इससे कंपनियों को एआई से जुड़े प्रयोगों को वास्तविक कामकाज में लागू करने में मदद मिलेगी।
अभी कई कंपनियां एआई तकनीक का परीक्षण कर रही हैं, लेकिन इसे बड़े स्तर पर लागू करना उनके लिए चुनौती बना हुआ है। नई पहल के जरिए इस दूरी को कम करने की कोशिश की जाएगी। इसके तहत ऐसे एआई एजेंट विकसित किए जाएंगे, जो सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से काम कर सकें।
अप्रैल में शुरू हुई थी खास जेमिनी इकाई
यह पहल कॉग्निजेंट की ओर से अप्रैल 2026 में शुरू की गई विशेष जेमिनी इकाई को आगे बढ़ाएगी। इसके तहत दुनियाभर की कंपनियों के लिए ऐसे एआई एजेंट बनाए जाएंगे, जिन्हें बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा सके। इनका मकसद व्यावसायिक प्रक्रियाओं को आसान बनाना और काम करने की क्षमता में सुधार करना है।
कॉग्निजेंट के सीईओ रवि कुमार एस ने कहा कि इस समूह से कंपनी के अनुभवी इंजीनियरों को नई एआई तकनीक को ग्राहकों के वास्तविक कामकाज में लागू करने पर ध्यान देने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि ‘बिल्ड विद जेमिनी’ कार्यशाला के जरिए कंपनी के 55,000 से अधिक कर्मचारियों को गूगल के उन्नत एआई मंच पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव दिया गया है।
कंपनियों को कैसे होगा फायदा?
गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन के मुताबिक, एआई एजेंट को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए मजबूत तकनीकी ढांचे और अलग-अलग प्रणालियों को जोड़ने की विशेषज्ञता जरूरी है। इसके लिए भरोसेमंद साझेदारों की भूमिका अहम है।
इस साझेदारी से कंपनियों को ऐसे एआई एजेंट अपनाने में मदद मिल सकती है, जो कुछ तय कामों को अपने स्तर पर पूरा कर सकें। इससे कामकाज की गति बढ़ाने और व्यावसायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
