नई दिल्ली: एशियाई खेलों में भारत को रिकर्व तीरंदाजी में व्यक्तिगत स्पर्धा का पहला स्वर्ण दिलाने वाली कुमकुम मोहोद ने आईओए की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का पुरस्कार लेने के बाद कहा कि अब उनकी नजरें लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में पदक जीतने पर है। सत्रह बरस की कुमकुम ने आइची नागोया में हुए एशियाई खेलों में इतिहास रचने हुए दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। उन्हें इस प्रदर्शन के लिये यहां आयोजित एक समारोह में भारतीय ओलंपिक संघ का एशियाई खेलों की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का पहला जसपाल राणा पुरस्कार दिया गया। मोहोद ने कहा,'यह पूरी टीम की मेहनत थी जो रंग लाई । टीम बांडिंग बहुत अच्छी थी और अब नजरें लॉस एंजिलिस में पदक जीतने पर है।'
कुमकुम मोहोद
कलकल को मिला राजा रणधीर सिंह पुरस्कार
वहीं सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का राजा रणधीर सिंह पुरस्कार पहलवान सुजीत कलकल को मिला जिन्होंने पुरुषों की 65 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती में हारी हुई बाजी पलटकर स्वर्ण पदक जीता। कलकल ने कहा,'मुझे बहुत खुशी हो रही है कि यह पहला पुरस्कार मुझे मिला है । कुछ सोचा नहीं था कि स्वर्ण जीतने पर कैसे जश्न मनाऊंगा, बस अपने आप हो गया।'
खिलाड़ी को केंद्र में रखने की नीति है सफलता का कुंजी
आईओए अध्यक्ष पी टी उषा ने इस मौके पर देश में खेल संस्कृति के विकास पर जोर देते हुए कहा कि खिलाड़ी को केंद्र में रखने की नीति ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा,'निरंतरता, दृढता और दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता इस सफलता की नींव रही। आपने उत्कृष्टता के नये मानदंड कायम किये हैं और उम्मीद है कि इससे आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी।' उन्होंने कहा,'आईओए अध्यक्ष होने के नाते हमारी जिम्मेदारी ऐसा माहौल बनाने की है जिसमें खिलाड़ी खेल पर फोकस कर सके। हमें देश में खेल संस्कृति बनाने के अपने संकल्प को दोहराना है।'
(भाषा)
