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गणगौर पूजा की विधि, कथा, मंत्र, आरती, भोग, गीत...सबकुछ यहां जानें
गणगौर पूजा का त्योहार चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है और इस साल ये तिथि 31 मार्च को पड़ रही है। चलिए आपको बताते हैं गणगौर की पूजा कैस की जाती है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
गणगौर का त्योहार विशेष रूप से राजस्थान में मनाया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए देवी पार्वती की पूजा करती हैं तो वहीं कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति की कामना से ये त्योहार मनाती हैं। गणगौर उत्सव वैसे तो 18 दिनों तक चलता है लेकिन इस पर्व का सबसे विशेष दिन तीसरा नवरात्र होता है। इस साल ये पर्व 31 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं शिव और पार्वती की मिट्टी की प्रतिमाएं बनाती हैं और उन्हें सुंदर कपड़े पहनाती हैं। फिर इन प्रतिमाओं की विधि विधान पूजा होती है। यहां आप जानेंगे गणगौर पूजा के बारे में हर महत्वपूर्ण जानकारी।
गणगौर पूजा मुहूर्त 2025 (Gangaur Puja Muhurat 2025)
गणगौर पूजा का मुहूर्त 31 मार्च की सुबह 9 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर शाम 8 बजे तक रहेगा।
गणगौर पूजा विधि (Gangaur Puja Vidhi)
- गणगौर व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- इसके बाद देवी गौरी और शिव जी का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें।
- मिट्टी से ईसर यानी शिवजी और पार्वती स्वरूप गौर की प्रतिमा बनाएं और उसकी विधि विधान स्थापना करें।
- गणगौर को सुंदर वस्त्र पहनाएं।
- फिर रोली, मोली, मेहंदी, हल्दी, काजल आदि चीजों से विधि विधान पूजा करें और गणगौर के गीत भी गाएं।
- फिर घर की दीवार पर या किसी पेपर पर सोलह-सोलह बिंदियां रोली, मेहंदी और काजल से लगाएं।
- इसके बाद एक थाली में जल, दूध, दही, हल्दी, कुमकुम घोलकर सुहाग जल तैयार कर लें।
- फिर दोनों हाथ में दूब लेकर सुहागजल पहले गणगौर पर छिड़कें। फिर अपने ऊपर भी इसका छिड़काव करें।
- फिर गणगौर को मीठे गुने या चूरमे का भोग लगाना है।
- पूजा के समय गणगौर की कथा भी जरूर सुनें।
- फिर शाम को शुभ मुहूर्त में गणगौर को पानी पिलाने की परंपरा निभाई जाती है।
- इसके बाद किसी पवित्र सरोवर या कुंड में गणगौर की प्रतिमा का विसर्जन कर दिया जाता है।
गणगौर पूजा आरती (Gangaur Puja Aarti)
म्हारी डूंगर चढती सी बेलन जी
म्हारी मालण फुलडा से लाय |
सूरज जी थाको आरत्यों जी
चन्द्रमा जी थाको आरत्यो जी |
ब्रह्मा जी थाको आरत्यो जी
ईसर जी थाको आरत्यो जी
थाका आरतिया में आदर मेलु पादर मेलू
पान की पचास मेलू
पीली पीली मोहरा मेलू , रुपया मेलू
डेड सौ सुपारी मेलू , मोतीडा रा आखा मेलू
राजा जी रो सुवो मेलू , राणी जी री कोयल मेलू
करो न भाया की बहना आरत्यो जी
करो न सायब की गौरी आरत्यो जी
गणगौर पूजा मंत्र जाप (Gangaur Puja Mantra)
'ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः' मंत्र का जाप करते रहें।
या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥
MAR 31, 2025 19:39 IST
Gangaur Puja Songs: गौर गौर गोमती गीत
गौर गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती
पार्वती का आला-गीला , गौर का सोना का टीका
टीका दे , टमका दे , बाला रानी बरत करयो
करता करता आस आयो वास आयो
खेरे खांडे लाडू आयो , लाडू ले बीरा ने दियो
बीरो ले मने पाल दी , पाल को मै बरत करयो
सन मन सोला , सात कचौला , ईशर गौरा दोन्यू जोड़ा
जोड़ ज्वारा ,गेंहू ग्यारा , राण्या पूजे राज ने , म्हे पूजा सुहाग ने
राण्या को राज बढ़तो जाए , म्हाको सुहाग बढ़तो जाय ,
कीड़ी- कीड़ी , कीड़ी ले , कीड़ी थारी जात है , जात है गुजरात है ,
गुजरात्यां को पाणी , दे दे थाम्बा ताणी
ताणी में सिंघोड़ा , बाड़ी में भिजोड़ा
म्हारो भाई एम्ल्यो खेमल्यो , सेमल्यो सिंघाड़ा ल्यो
लाडू ल्यो , पेड़ा ल्यो सेव ल्यो सिघाड़ा ल्यो
झर झरती जलेबी ल्यो , हरी -हरी दूब ल्यो गणगौर पूज ल्यो
इस तरह सोलह बार बोल कर आखिरी में
बोले एक-लो , दो-लो ,तीन लो ……..सोलह-लो।
पार्वती का आला-गीला , गौर का सोना का टीका
टीका दे , टमका दे , बाला रानी बरत करयो
करता करता आस आयो वास आयो
खेरे खांडे लाडू आयो , लाडू ले बीरा ने दियो
बीरो ले मने पाल दी , पाल को मै बरत करयो
सन मन सोला , सात कचौला , ईशर गौरा दोन्यू जोड़ा
जोड़ ज्वारा ,गेंहू ग्यारा , राण्या पूजे राज ने , म्हे पूजा सुहाग ने
राण्या को राज बढ़तो जाए , म्हाको सुहाग बढ़तो जाय ,
कीड़ी- कीड़ी , कीड़ी ले , कीड़ी थारी जात है , जात है गुजरात है ,
गुजरात्यां को पाणी , दे दे थाम्बा ताणी
ताणी में सिंघोड़ा , बाड़ी में भिजोड़ा
म्हारो भाई एम्ल्यो खेमल्यो , सेमल्यो सिंघाड़ा ल्यो
लाडू ल्यो , पेड़ा ल्यो सेव ल्यो सिघाड़ा ल्यो
झर झरती जलेबी ल्यो , हरी -हरी दूब ल्यो गणगौर पूज ल्यो
इस तरह सोलह बार बोल कर आखिरी में
बोले एक-लो , दो-लो ,तीन लो ……..सोलह-लो।
MAR 31, 2025 19:07 IST
Gangaur Puja Songs: गणगौर गीत चोपड़ा का
गौर थारो चोपडो माणक मोती छायो ऐ
माणक मोती छायो ऐ यो तो सच्चा मोती धायो ऐ
ब्रह्मदास जी रा ईसरदास जी रोली रंग लाया ऐ
ईसरदास जी रा कानीराम जी परण पधराया ऐ
परण पधारया वाकी माया टीका काड़या ऐ
रोली का वे टीका काड़या ऊपर चावल चेपया ऐ
गौर थारो चोपडो माणक मोतिया छायो ऐ
माणक मोतिया छायो ऐ वो तो सच्चा मोती छायो ऐ।
माणक मोती छायो ऐ यो तो सच्चा मोती धायो ऐ
ब्रह्मदास जी रा ईसरदास जी रोली रंग लाया ऐ
ईसरदास जी रा कानीराम जी परण पधराया ऐ
परण पधारया वाकी माया टीका काड़या ऐ
रोली का वे टीका काड़या ऊपर चावल चेपया ऐ
गौर थारो चोपडो माणक मोतिया छायो ऐ
माणक मोतिया छायो ऐ वो तो सच्चा मोती छायो ऐ।
MAR 31, 2025 18:23 IST
Gangaur Puja Songs: गणगौर गीत टीकी का
अम्बो तो जाम्बा टीकी , पाना तो पल्ला टीकी
हरो नगीनों टीकी सोना की
या टीकी गौरा बाई ने सोवे
ईशरदास जी बैठ घडावे टीकी
अम्बो तो जाम्बा
हरो नगीनों टीकी सोना की
या टीकी गौरा बाई ने सोवे
ईशरदास जी बैठ घडावे टीकी
अम्बो तो जाम्बा
MAR 31, 2025 17:55 IST
Gangaur Puja Songs: गणगौर गीत चूनड़ी के
गीत ( 1 )
ईशरदास जी बीरो चूनड़ी रंगाई
बाई रोवां के दाय नहीं आई रे
नीलगर ओज्यूँ रंग दे म्हारी चुनड़ी
अल्ला रंग दे पल्ला रंग दे।
म्हारे माथे पे मोरिया छपाई दे नीलगर।
( भाई बहन का नाम लेना हैं।
ईशरदास जी की जगह भाई का नाम
और रोवा की जगह बहन का नाम )
गीत ( 2 )
चमकण घाघरो चमकण चीर ,
बोलबाई रोवां कुण थारा बीर
बड़ो बड़ो म्हारो ईशरदास बीर
बांसयुं छोटो कानीराम बीर
चुनरी ओढावे म्हारो ईशरदास बीर
माय स्यु मिलावे म्हारो छोटो कानीराम बीर।
चमकण लागे घाघरा चमकण चीर …
ईशरदास जी बीरो चूनड़ी रंगाई
बाई रोवां के दाय नहीं आई रे
नीलगर ओज्यूँ रंग दे म्हारी चुनड़ी
अल्ला रंग दे पल्ला रंग दे।
म्हारे माथे पे मोरिया छपाई दे नीलगर।
( भाई बहन का नाम लेना हैं।
ईशरदास जी की जगह भाई का नाम
और रोवा की जगह बहन का नाम )
गीत ( 2 )
चमकण घाघरो चमकण चीर ,
बोलबाई रोवां कुण थारा बीर
बड़ो बड़ो म्हारो ईशरदास बीर
बांसयुं छोटो कानीराम बीर
चुनरी ओढावे म्हारो ईशरदास बीर
माय स्यु मिलावे म्हारो छोटो कानीराम बीर।
चमकण लागे घाघरा चमकण चीर …
MAR 31, 2025 17:14 IST
Gangaur Puja Songs: गणगौर गीत
ऊँचो , चवरो , चोकुंटो , जल जमना रो नीर मंगाय।
जठ ईशर जी सांपज ,बाई गवरा गवर पूजाय।
गवर पूजावंता यूं केब ,सायब आ जोड़ी अबछाल राख
अबछल पीवर सासरो , ए बाई ,अब छल सो परिवार ,
ऊँचो चवरो चोकुंटो जल जमना रो नीर मंगाय।
जठ ईशर जी सांपज ,बाई गवरा गवर पूजाय।
गवर पूजावंता यूं केब ,सायब आ जोड़ी अबछाल राख
अबछल पीवर सासरो , ए बाई ,अब छल सो परिवार ,
ऊँचो चवरो चोकुंटो जल जमना रो नीर मंगाय।
MAR 31, 2025 16:49 IST
Gangaur Puja Songs: गणगौर हिंडा गीत
चम्पा री डाली , हिन्डो माण्डयो , रेशम री गज डोर।
जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।
म्हारे हिंडोल इशरदास जी पधारया , ले बाई गवरा ने साथ।
जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।
होले से झोटो दिया ओ पातलीया डरप लो नाजूक जीव।
जी ओ म्हे हिंडो मण्डियों।
चम्पल री डाली हिंडो मांडियो ,रेशम री गज डोर।
जी ओ म्हे हिंडो मंड्यो।
जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।
म्हारे हिंडोल इशरदास जी पधारया , ले बाई गवरा ने साथ।
जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।
होले से झोटो दिया ओ पातलीया डरप लो नाजूक जीव।
जी ओ म्हे हिंडो मण्डियों।
चम्पल री डाली हिंडो मांडियो ,रेशम री गज डोर।
जी ओ म्हे हिंडो मंड्यो।
MAR 31, 2025 16:16 IST
Gangaur Puja Songs: एल खेल – गणगौर गीत
एल खेल नदी बेव ओ पाणी कठ जासी रे,
आधो जासी अल्या गल्या आधो इसर न्हासी रे,
इसरजी न्हाया धोया गोरा बाई न्हासी रे,
गोराबाई क बेटो हुयो भुवा बधाई ल्यासी रे,
अरदा ताणों परदा ताणों बांदरबाल बंधाओ रे,
सार केरी सुई ल्याओ पाट करा बांगा रे,
आवो रे भतीजा थांकी भुवा ल्याई बागा रे,
भुवाक भरोसे जी भतीजा रेग्या नागा रे,
आधो जासी अल्या गल्या आधो इसर न्हासी रे,
इसरजी न्हाया धोया गोरा बाई न्हासी रे,
गोराबाई क बेटो हुयो भुवा बधाई ल्यासी रे,
अरदा ताणों परदा ताणों बांदरबाल बंधाओ रे,
सार केरी सुई ल्याओ पाट करा बांगा रे,
आवो रे भतीजा थांकी भुवा ल्याई बागा रे,
भुवाक भरोसे जी भतीजा रेग्या नागा रे,
MAR 31, 2025 15:44 IST
Gangaur Puja Songs: पाटो धो – गणगौर गीत
पाटो धोये पाटो धो , भायां को बहन पाटो धो, पाटा ऊपर पीलो पान , महे जाश्या बीरा की
जान,
जान जाश्या पाँ खास्या, बीरा ने परंणाशयां
थाली में खाजा, म्हारो बीरो राजा थाली में पताशा बीरो करे तमाशा
चूडो धो ये चूडो धो, भायां को बहन चूडो धो, पाटा ऊपर पीलो पान,
म्हे जाश्या बीरा को जान,
जान जाश्या पान खाश्या, बीरा ने परंणाशयां
थाली में खाजा, म्हारो बीरो राजा थाली में पताशा बीरो करे तमाशा
जान,
जान जाश्या पाँ खास्या, बीरा ने परंणाशयां
थाली में खाजा, म्हारो बीरो राजा थाली में पताशा बीरो करे तमाशा
चूडो धो ये चूडो धो, भायां को बहन चूडो धो, पाटा ऊपर पीलो पान,
म्हे जाश्या बीरा को जान,
जान जाश्या पान खाश्या, बीरा ने परंणाशयां
थाली में खाजा, म्हारो बीरो राजा थाली में पताशा बीरो करे तमाशा
MAR 31, 2025 15:15 IST
Gangaur Puja Songs: जंवारा – गणगौर गीत
म्हारा हरिया जंवारा ओ राज लंबा-तिखा सरस बदृया
म्हारा लुणीया जंवारा हो लांबा-तिखा सरस बदृया…
ये तो सुरजीरा बाया हो राज, रेणा दे जी सिंच लिया
ये तो इसरजीरा बाया ओ राज, गोरा दे जी सिंच लिया
ये तो सासु बहुरा सिंच्या ओ राज, गहुडा पिला पड रह्या
बाईसा तो गड सिंच्या ओ राज, लांबा-तिखा सरस बदृया
म्हारो दूध भरो कटोरो ओ राज, बाई रोवा पीव लिया
म्हारो गेना भरीयो डाबो ओ राज, बाई सोवा पेर लिया
म्हारी पचरंगी चुंदडी ओ राज, बाई गोरां ओढ लिया
म्हारा हरिया जंवारा …
म्हारा लुणीया जंवारा हो लांबा-तिखा सरस बदृया…
ये तो सुरजीरा बाया हो राज, रेणा दे जी सिंच लिया
ये तो इसरजीरा बाया ओ राज, गोरा दे जी सिंच लिया
ये तो सासु बहुरा सिंच्या ओ राज, गहुडा पिला पड रह्या
बाईसा तो गड सिंच्या ओ राज, लांबा-तिखा सरस बदृया
म्हारो दूध भरो कटोरो ओ राज, बाई रोवा पीव लिया
म्हारो गेना भरीयो डाबो ओ राज, बाई सोवा पेर लिया
म्हारी पचरंगी चुंदडी ओ राज, बाई गोरां ओढ लिया
म्हारा हरिया जंवारा …
MAR 31, 2025 14:28 IST
Ganguar Festival End Date: गणगौर पर्व का समापन कब होगा
गणगौर पर्व का समापन 31 मार्च को होगा। इस दिन महिलाएं गणगौर का विसर्जन करेंगी।
MAR 31, 2025 14:15 IST
Gangaur Puja Songs: किवाड़ी खुलवाने का गीत
गौर ए गणगौर माता खोल ए किवाड़ी
बाहर ऊबी थारी पूजण वाली।
पूजो ए पूजो बाईयां , काई काई मांगों
म्हे मांगा अन्न धन , लाछर लक्ष्मी।
जलहर जामी बाबुल मांगा, राता देई मायड़
कान कंवर सो बीरो मांगा , राई सी भौजाई।
ऊँट चढयो बहनोई मांगा , चूंदड़ वाली बहना
पूस उड़ावन फूफो मांगा , चूड़ला वाली भुवा।
काले घोड़े काको मांगा , बिणजारी सी काकी
कजल्यो सो बहनोई मांगा , गौरा बाई बहना।
भल मांगू पीहर सासरो ये भल मांगू सौ परिवार ये
गौर ए गणगौर माता खोल ए किवाड़ी।
बाहर ऊबी थारी पूजण वाली।
पूजो ए पूजो बाईयां , काई काई मांगों
म्हे मांगा अन्न धन , लाछर लक्ष्मी।
जलहर जामी बाबुल मांगा, राता देई मायड़
कान कंवर सो बीरो मांगा , राई सी भौजाई।
ऊँट चढयो बहनोई मांगा , चूंदड़ वाली बहना
पूस उड़ावन फूफो मांगा , चूड़ला वाली भुवा।
काले घोड़े काको मांगा , बिणजारी सी काकी
कजल्यो सो बहनोई मांगा , गौरा बाई बहना।
भल मांगू पीहर सासरो ये भल मांगू सौ परिवार ये
गौर ए गणगौर माता खोल ए किवाड़ी।
MAR 31, 2025 13:39 IST
Gangaur Puja Vidhi 2025 LIVE: गणगौर पूजा मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥
MAR 31, 2025 13:08 IST
Gangaur Puja Songs:गारा की गणगौर कुआ पर क्यों रे खड़ी है।
गारा की गणगौर कुआ पर क्यों रे खड़ी है।
सिर पर लम्बे-लम्बे केश, गले में फूलों की माला पड़ी रे।। गारा की गणगौर...
चल्यो जा रे मूरख अज्ञान, तुझे मेरी क्या पड़ी रे।
म्हारा ईशरजी म्हारे साथ, कुआ पर यूं रे खड़ी रे।। गारा की गणगौर...
माथा ने भांवर सुहाय, तो रखड़ी जड़ाव की रे।
कान में झालज सुहाय, तो झुमकी जड़ाव की रे।। गारा की गणगौर...
मुखड़ा ने भेसर सुहाय, तो मोतीड़ा जड़ाव का रे।
हिवड़ा पे हांसज सुहाय, तो दुलड़ी जड़ाव की रे।। गारा की गणगौर...
तन पे सालू रंगीलो, तो अंगिया जड़ाव की रे।
हाथों में चुड़ला पहना, तो गजरा जड़ाव का रे।। गारा की गणगौर...
पावों में पायल पहनी, तो घुंघरू जड़ाव का रे।
उंगली में बिछिया सुहाय, तो अनवट जड़ाव का रे।। गारा की गणगौर...
सिर पर लम्बे-लम्बे केश, गले में फूलों की माला पड़ी रे।। गारा की गणगौर...
चल्यो जा रे मूरख अज्ञान, तुझे मेरी क्या पड़ी रे।
म्हारा ईशरजी म्हारे साथ, कुआ पर यूं रे खड़ी रे।। गारा की गणगौर...
माथा ने भांवर सुहाय, तो रखड़ी जड़ाव की रे।
कान में झालज सुहाय, तो झुमकी जड़ाव की रे।। गारा की गणगौर...
मुखड़ा ने भेसर सुहाय, तो मोतीड़ा जड़ाव का रे।
हिवड़ा पे हांसज सुहाय, तो दुलड़ी जड़ाव की रे।। गारा की गणगौर...
तन पे सालू रंगीलो, तो अंगिया जड़ाव की रे।
हाथों में चुड़ला पहना, तो गजरा जड़ाव का रे।। गारा की गणगौर...
पावों में पायल पहनी, तो घुंघरू जड़ाव का रे।
उंगली में बिछिया सुहाय, तो अनवट जड़ाव का रे।। गारा की गणगौर...
MAR 31, 2025 12:33 IST
Gangaur Puja Vidhi 2025 LIVE: गणगौर पूजा भोग
गणगौर पूजा में कई तरह के पारंपरिक भोग चढ़ाएं जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से गेहूं से बने प्रसाद जैसे - गुड़ की लापसी, घेवर, और हलवा आदि शामिल है। इसके अलावा, फल, मिठाई और सूखे मेवे भी चढ़ाए जाते हैं।
MAR 31, 2025 11:35 IST
Gangaur Puja Geet: गौर गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती
गौर गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती
पार्वती का आला-गीला, गौर का सोना का टीका
टीका दे, टमका दे, बाला रानी बरत करयो
करता करता आस आयो वास आयो
खेरे खांडे लाडू आयो, लाडू ले बीरा ने दियो
बीरो ले मने पाल दी, पाल को मै बरत करयो
सन मन सोला, सात कचौला , ईशर गौरा दोन्यू जोड़ा
जोड़ ज्वारा, गेंहू ग्यारा, राण्या पूजे राज ने, म्हे पूजा सुहाग ने
राण्या को राज बढ़तो जाये, म्हाको सुहाग बढ़तो जाये,
कीड़ी- कीड़ी, कीड़ी ले, कीड़ी थारी जात है, जात है गुजरात है,
गुजरात्यां को पाणी, दे दे थाम्बा ताणी
ताणी में सिंघोड़ा, बाड़ी में भिजोड़ा
म्हारो भाई एम्ल्यो खेमल्यो, सेमल्यो सिंघाड़ा ल्यो
लाडू ल्यो, पेड़ा ल्यो सेव ल्यो सिघाड़ा ल्यो
झर झरती जलेबी ल्यो, हर-हरी दूब ल्यो गणगौर पूज ल्यो
इस प्रकार सोलह बार बोल कर अन्त में बोलें- एक-लो , दो-लो …… सोलह-लो।
पार्वती का आला-गीला, गौर का सोना का टीका
टीका दे, टमका दे, बाला रानी बरत करयो
करता करता आस आयो वास आयो
खेरे खांडे लाडू आयो, लाडू ले बीरा ने दियो
बीरो ले मने पाल दी, पाल को मै बरत करयो
सन मन सोला, सात कचौला , ईशर गौरा दोन्यू जोड़ा
जोड़ ज्वारा, गेंहू ग्यारा, राण्या पूजे राज ने, म्हे पूजा सुहाग ने
राण्या को राज बढ़तो जाये, म्हाको सुहाग बढ़तो जाये,
कीड़ी- कीड़ी, कीड़ी ले, कीड़ी थारी जात है, जात है गुजरात है,
गुजरात्यां को पाणी, दे दे थाम्बा ताणी
ताणी में सिंघोड़ा, बाड़ी में भिजोड़ा
म्हारो भाई एम्ल्यो खेमल्यो, सेमल्यो सिंघाड़ा ल्यो
लाडू ल्यो, पेड़ा ल्यो सेव ल्यो सिघाड़ा ल्यो
झर झरती जलेबी ल्यो, हर-हरी दूब ल्यो गणगौर पूज ल्यो
इस प्रकार सोलह बार बोल कर अन्त में बोलें- एक-लो , दो-लो …… सोलह-लो।
MAR 31, 2025 10:52 IST
गणगौर पूजा की आरती (Gangaur Aarti): म्हारी डूंगर चढती सी बेलन जी
म्हारी डूंगर चढती सी बेलन जी
म्हारी मालण फुलडा से लाय |
सूरज जी थाको आरत्यों जी
चन्द्रमा जी थाको आरत्यो जी |
ब्रह्मा जी थाको आरत्यो जी
ईसर जी थाको आरत्यो जी
थाका आरतिया में आदर मेलु पादर मेलू
पान की पचास मेलू
पीली पीली मोहरा मेलू ,
रुपया मेलू डेड सौ सुपारी मेलू ,
मोतीडा रा आखा मेलू
राजा जी रो सुवो मेलू ,
राणी जी री कोयल मेलू
करो न भाया की बहना आरत्यो जी
करो न सायब की गौरी आरत्यो जी
म्हारी मालण फुलडा से लाय |
सूरज जी थाको आरत्यों जी
चन्द्रमा जी थाको आरत्यो जी |
ब्रह्मा जी थाको आरत्यो जी
ईसर जी थाको आरत्यो जी
थाका आरतिया में आदर मेलु पादर मेलू
पान की पचास मेलू
पीली पीली मोहरा मेलू ,
रुपया मेलू डेड सौ सुपारी मेलू ,
मोतीडा रा आखा मेलू
राजा जी रो सुवो मेलू ,
राणी जी री कोयल मेलू
करो न भाया की बहना आरत्यो जी
करो न सायब की गौरी आरत्यो जी
MAR 31, 2025 09:20 IST
Gangaur ka Geet Jwara Ka (गणगौर का गीत ज्वारा का)
म्हारा हरया ए ज्वारा ऐ, गेन्हूला सरस बध्या, गोरा ईसरदास जी रा बायां ऐ वाकी रानी सींच लिया
गोरा ब्रह्मदास जी रा बायां ऐ वाकी रानी सींच लिया, वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या
बाई रो सरस पोटलों ये, गेंहूडा सरस बध्या, म्हारा हरिया ए ज्वारा ये गेन्हुला सरस बध्या
गोरा चाँद सूरज बाया ये वाकी रानी सींच लिया, वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या
बाई रो सरस पोटलो ये गेन्हुला सरस बध्या, मालीदास जी, पोलीदास जी बाया ऐ वाकी रानी सींच लिया
वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या
(इस गीत के समय अपने सभी घर वालों के नाम लेने हैं )
गोरा ब्रह्मदास जी रा बायां ऐ वाकी रानी सींच लिया, वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या
बाई रो सरस पोटलों ये, गेंहूडा सरस बध्या, म्हारा हरिया ए ज्वारा ये गेन्हुला सरस बध्या
गोरा चाँद सूरज बाया ये वाकी रानी सींच लिया, वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या
बाई रो सरस पोटलो ये गेन्हुला सरस बध्या, मालीदास जी, पोलीदास जी बाया ऐ वाकी रानी सींच लिया
वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या
(इस गीत के समय अपने सभी घर वालों के नाम लेने हैं )
MAR 31, 2025 08:46 IST
श्री पार्वती माता की आरती (Mata Parvati Ki Aarti Lyrics)
जय पार्वती माताजय पार्वती माता।
ब्रह्म सनातन देवीशुभ फल की दाता॥
जय पार्वती माता
अरिकुल पद्म विनाशिनिजय सेवक त्राता।
जग जीवन जगदम्बा,हरिहर गुण गाता॥
जय पार्वती माता
सिंह को वाहन साजे,कुण्डल हैं साथा।
देव वधू जस गावत,नृत्य करत ताथा॥
जय पार्वती माता
सतयुग रूपशील अतिसुन्दर,नाम सती कहलाता।
हेमांचल घर जन्मी,सखियन संग राता॥
जय पार्वती माता
शुम्भ निशुम्भ विदारे,हेमांचल स्थाता।
सहस्र भुजा तनु धरि के,चक्र लियो हाथा॥
जय पार्वती माता
सृष्टि रूप तुही हैजननी शिवसंग रंगराता।
नन्दी भृंगी बीन लहीसारा जग मदमाता॥
जय पार्वती माता
देवन अरज करतहम चित को लाता।
गावत दे दे ताली,मन में रंगराता॥
जय पार्वती माता
श्री प्रताप आरती मैया की,जो कोई गाता।
सदासुखी नित रहतासुख सम्पत्ति पाता॥
जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवीशुभ फल की दाता॥
जय पार्वती माता
अरिकुल पद्म विनाशिनिजय सेवक त्राता।
जग जीवन जगदम्बा,हरिहर गुण गाता॥
जय पार्वती माता
सिंह को वाहन साजे,कुण्डल हैं साथा।
देव वधू जस गावत,नृत्य करत ताथा॥
जय पार्वती माता
सतयुग रूपशील अतिसुन्दर,नाम सती कहलाता।
हेमांचल घर जन्मी,सखियन संग राता॥
जय पार्वती माता
शुम्भ निशुम्भ विदारे,हेमांचल स्थाता।
सहस्र भुजा तनु धरि के,चक्र लियो हाथा॥
जय पार्वती माता
सृष्टि रूप तुही हैजननी शिवसंग रंगराता।
नन्दी भृंगी बीन लहीसारा जग मदमाता॥
जय पार्वती माता
देवन अरज करतहम चित को लाता।
गावत दे दे ताली,मन में रंगराता॥
जय पार्वती माता
श्री प्रताप आरती मैया की,जो कोई गाता।
सदासुखी नित रहतासुख सम्पत्ति पाता॥
जय पार्वती माता
MAR 31, 2025 08:20 IST
Gangaur Puja Vidhi 2025 LIVE: गणगौर पूजा मुहूर्त
गणगौर पूजा का मुहूर्त 31 मार्च की सुबह 9 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर शाम 8 बजे तक रहेगा।
MAR 31, 2025 07:44 IST
Ghar Par Gangaur Kaise Banaye: घर पर गणगौर कैसे बनाएं
- गणगौर बनाने के लिए हमें शुद्ध मिट्टी और साफ पानी चाहिए होगा।
- साथ में कुछ लकड़ियों के छोटे-छोटे टुकड़ों की जरूरत पड़ेगी। आप लकड़ी के स्थान पर टूथपिक भी ले सकते हैं।
- गणगौर पूजा की प्रतिमाएं महिलाएं खुद बनाती हैं। जिसमें शिव जी (इसर जी) और पार्वती जी (गौरी जी) की प्रतिमा बनाई जाती है।
- गौरी जी की प्रतिमा बनाने के लिए थोड़ी सी मिट्टी लेकर उससे शरीर बनाएं। फिर मिट्टी से मुंह बनाएं। फिर दोनों तरफ हाथ लगा दें।
- ऐसे ही इसर जी की भी प्रतिमा बनानी है।
