Chaiti Chhath Puja Samagri (चैती छठ पूजा सामग्री): चैती छठ का महापर्व नवरात्रि के चौथे दिन से शुरू होता है और इसकी समाप्ति सातवें नवरात्र के दिन होती है। इस पर्व के रीति-रिवाज कार्तिक महीने में आने वाली छठ की तरह ही होते हैं। इस दौरान महिलाएं डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देती हैं और 36 घंटो का निर्जला व्रत रखती हैं। चलिए आपको बताते हैं चैती छठ पूजा में किन-किन सामग्रियों की जरूरत होती है।
चैती छठ पूजा सामग्री (Chaiti Chhath Puja Samagri)-
- थाली
- दीपक
- खाजा
- गुजिया
- गुड़
- अदरक का पौधा
- चावल
- आटा
- जल
- शहद
- गंगाजल
- चंदन
- चावल
- सिंदूर
- धुपबत्ती
- कुमकुम
- कपूर
- मिट्टी के दीए
- बांस या पीतल का सूप
- दूध और जल के लिए गिलास
- चम्मच
- लड्डू
- हल्दी
- नाशपाती
- पत्ते लगे हुए ईख
- दूध
- तेल और बाती
- नारियल
- ऋतुफल
- कलावा
- सुपारी
- फूल और माला
- शरीफा
- दूध से बनी मिठाइयां
- बड़ा वाला नींबू
- सिंघाड़ा
- सुथनी
- शकरकंदी
- मूली
- बैंगन
- केले
- गेहूं
- सूर्य को अर्घ्य देने के लिए तांबे का कलश
- बड़ी टोकरी
