Bach Baras Ki Aarti Lyrics in hindi (गौ माता की आरती): भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि पर पर गोवत्स द्वादशी मनाई जाती है। इसे बच्छ बारस भी कहते हैं और इस दिन गौ माता और उनके बछड़े की खास पूजा होती है। पूजा के अंत में आरती का भी विधान है। तो यहां देखें बच्छ बारस की आरती, गौ माता की आरती हिंदी में, बच्छ बारस की आरती हिंदी में लिखित और गौवत्स द्वादशी की पूजा आरती।
बच्छ बारस की आरती हिंदी में लिखित (Pic: Canva)
गौ माता की आरती (Gau Mata Ki Aarti Lyrics In Hindi)
ॐ जय जय गौमाता, मैया जय जय गौमाता।
जो कोई तुमको ध्याता, त्रिभुवन सुख पाता॥
सुख समृद्धि प्रदायनी, गौ की कृपा मिले।
जो करे गौ की सेवा, पल में विपत्ति टले॥
आयु ओज विकासिनी, जन जन की माई।
शत्रु मित्र सुत जाने, सब की सुख दाई॥
सुर सौभाग्य विधायिनी, अमृती दुग्ध दियो।
अखिल विश्व नर नारी, शिव अभिषेक कियो॥
ममतामयी मन भाविनी, तुम ही जग माता।
जग की पालनहारी, कामधेनु माता॥
संकट रोग विनाशिनी, सुर महिमा गाई।
गौ शाला की सेवा, संतन मन भाई॥
गौ मां की रक्षा हित, हरी अवतार लियो।
गौ पालक गौपाला, शुभ संदेश दियो॥
श्री गौमाता की आरती, जो कोई सुत गावे।
पदम् कहत वे तरणी, भव से तर जावे॥
ॐ जय जय गौमाता, मैया जय जय गौमाता॥
बछ बारस पर गौ माता की आरती कैसे करें
बछ बारस की पूजा में सबसे पहले गौ माता को फूल, अक्षत, हल्दी, चंदन अर्पित करें। गले में पीले फूलों की माला पहनाएं। हाथ जोड़कर प्रणाम करें। फिर आरती की थाली को सबसे पहले गौ माता के मुख के पास, फिर वक्ष (छाती) और पैरों के पास से घुमाते हुए अंत में पूरे स्वरूप के चारों ओर 3 या 5 बार घुमाएं। इस दौरान आरती गाते रहें।
