Aaj ka Panchang 6 March 2025 (आज का पंचांग 6 मार्च 2025): हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार को विशेष महत्व प्राप्त है। ये दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है, जो ज्ञान, धन, सुख और समृद्धि के कारक ग्रह माने जाते हैं। इनकी कृपा से व्यक्ति को बुद्धि, विद्या, सम्मान और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यही कारण है कि गुरुवार के दिन धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और दान करने से जीवन में शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। धार्मिक दृष्टि से गुरुवार को भगवान विष्णु और उनके अवतारों की आराधना का दिन माना जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, पीले वस्त्र धारण करते हैं और पीले रंग के खाद्य पदार्थों का सेवन व दान करते हैं, क्योंकि पीला रंग बृहस्पति ग्रह से संबंधित माना जाता है।
Aaj ka Panchang 6 March 2025
मान्यता है कि गुरुवार का व्रत करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और वैवाहिक जीवन में आने वाली समस्याओं का निवारण हो सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर होता है, उन्हें इस दिन विशेष उपाय करने चाहिए, जैसे कि गुरु मंत्र का जाप, पीले रंग की चीजों का दान और जरूरतमंदों की सहायता, आदि। ऐसा करने से बृहस्पति की अनुकूलता बढ़ती है और व्यक्ति के जीवन में उन्नति होती है। आप आज 6 मार्च 2025 के पंचांग से शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और उपायों के बारे में जान सकते हैं।
Aaj ka Panchang 6 March 2025 (आज का पंचांग 6 मार्च 2025)
- संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
- माह - फाल्गुन,शुक्ल पक्ष
- तिथि- सप्तमी10:50 ए.एम तक फिर अष्टमी
- पर्व- गुरुवार व्रत
- दिवस -गुरुवार
- सूर्योदय- 06:43 ए.एम सूर्यास्त - पी.एम
- नक्षत्र - रोहिणी
- चन्द्र राशि - वृष, स्वामी ग्रह-शुक्र
- सूर्य राशि- कुम्भ,स्वामी ग्रह-शनि
- करण - वणिज 10:,49 ए.एम तक फिर विष्टि
- योग - विष्कुम्भ 08:29 पी.एम तक फिर प्रीति
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत - 11:58 ए.एम से दोपहर 12:44 पी.एम तक
- विजय मुहूर्त - 02:25 पी.एम से 03:25 पी.एम तक
- गोधुली मुहूर्त - 06:25 पी.एम से 07:22 पी.एम तक
- ब्रम्ह मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:07 ए.एम तक
- अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:46 ए.एम तक
- निशीथ काल मुहूर्त - रात 11:42 पी.एम से 12:26 पी.एम
- संध्या पूजन-06:26 पी.एम से 07:04 पी.एम तक
दिशा शूल- दक्षिण दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं। यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त - राहुकाल - दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक।
क्या करें- - आज फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। श्री विष्णु जी को समर्पित व्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। भगवान कृष्ण की भी उपासना करें। श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। अन्न व गुड़ का दान करें। विष्णु उपासना कल्याणकारी फल प्रदान करने वाली है। हनुमान जी का ध्यान-पूजन भी करें। भगवान विष्णु कष्टों को समाप्त करते हैं। आज श्री सूक्त का पाठ करने का उत्तम फल है। सम्पूर्ण भक्ति भाव से घर व मंदिर में लड्डू गोपाल जी की उपासना करें। भगवान विष्णु के नाम का जप करें। अन्न दान करें।
क्या न करें- किसी भी प्राणी को कष्ट मत दें।
