Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 17 October 2026: आज17 अक्टूबर 2026, शनिवार को शारदीय नवरात्रि का सातवां दिन है। इस दिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि की उपासना से भय और नकारात्मकता से मुक्ति तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, आज सप्तमी तिथि पूरे दिन रहेगी। मूल नक्षत्र सुबह 9 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आरंभ होगा। आज अतिगंड योग रात 11 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। शनिवार के दिन नवरात्रि की सप्तमी के साथ सरस्वती पूजा, नवपत्रिका पूजा और तुला संक्रांति भी है।
आज का पंचांग (17 October 2026)
पंचांग में सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और ग्रहों की स्थिति के आधार पर शुभ-अशुभ समय की गणना की जाती है। मां कालरात्रि की पूजा के साथ दिन के शुभ मुहूर्त और राहुकाल का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं 17 अक्टूबर 2026 का पंचांग (Today Panchang) मां कालरात्रि की पूजा का शुभ समय, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और दिशा शूल की जानकारी।
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
17 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय सुबह 06 बजकर 23 मिनट पर होगा। सूर्यास्त शाम 05 बजकर 50 मिनट पर होगा। वहीं, चन्द्रोदय दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर और चन्द्रास्त रात 10 बजकर 31 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र और पंचांग
17 अक्टूबर 2026, शनिवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पूर्ण रात्रि तक रहेगी। आज मूल नक्षत्र सुबह 09 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आरंभ होगा। अतिगण्ड योग रात 11 बजकर 03 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद सुकर्मा योग शुरू होगा। करण में गर करण शाम 07 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, इसके बाद वणिज करण लगेगा, जो पूरी रात रहेगा। आज शनिवार और शुक्ल पक्ष है।
राशि तथा नक्षत्र
17 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा धनु राशि में विराजमान रहेंगे। आज मूल नक्षत्र का चौथा चरण सुबह 09 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का पहला चरण शाम 04 बजकर 32 मिनट तक, दूसरा चरण रात 11 बजकर 18 मिनट तक और तीसरा चरण 18 अक्टूबर की सुबह 06 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। वहीं, सूर्य कन्या राशि में शाम 07 बजकर 57 मिनट तक रहेंगे, इसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का नक्षत्र चित्रा है। चित्रा नक्षत्र का दूसरा चरण शाम 07 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, इसके बाद तीसरा चरण आरंभ होगा।
ऋतु और अयन
17 अक्टूबर 2026 को द्रिक पंचांग और वैदिक गणना के अनुसार, शरद ऋतु रहेगी। इस दिन द्रिक अयन और वैदिक अयन दोनों के अनुसार दक्षिणायन है। आज दिनमान 11 घंटे 26 मिनट 41 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 33 मिनट 55 सेकंड रहेगा। वहीं, मध्याह्न का समय दोपहर 12 बजकर 06 मिनट पर होगा।
17 अक्टूबर 2026 के शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:43 बजे से 05:33 बजे तक।
- प्रातः संध्या: सुबह 05:08 बजे से 06:23 बजे तक।
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:01 बजे से 02:46 बजे तक।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:50 बजे से 06:15 बजे तक।
- सायाह्न संध्या: शाम 05:50 बजे से 07:05 बजे तक।
- रवि योग: सुबह 06:23 बजे से 09:47 बजे तक।
- निशिता मुहूर्त: रात 11:41 बजे से 18 अक्टूबर की मध्यरात्रि 12:32 बजे तक।
17 अक्टूबर 2026 के अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 09:15 बजे से 10:40 बजे तक।
- यमगण्ड: दोपहर 01:32 बजे से 02:58 बजे तक।
- गुलिक काल: सुबह 06:23 बजे से 07:49 बजे तक।
- दुर्मुहूर्त: सुबह 06:23 बजे से 07:09 बजे तक।
- आडल योग: सुबह 09:47 बजे से 18 अक्टूबर की सुबह 06:24 बजे तक।
- विडाल योग: सुबह 06:23 बजे से 09:47 बजे तक।
- वर्ज्य काल: सुबह 07:09 बजे से 07:54 बजे तक तथा रात 08:35 बजे से 10:24 बजे तक। एक अन्य समय सुबह 07:59 बजे से 09:47 बजे तक भी दिया गया है; प्रकाशन से पहले द्रिक पंचांग के मूल विवरण से इसका मिलान कर लें।
- गण्ड मूल: सुबह 06:23 बजे से 09:47 बजे तक।
- बाण: अग्नि बाण शाम 07:57 बजे तक।
निवास और शूल
17 अक्टूबर 2026 को होमाहुति के अनुसार, सुबह 09 बजकर 47 मिनट तक बुध का प्रभाव रहेगा, इसके बाद शुक्र का प्रभाव माना जाएगा। आज दिशा शूल पूर्व दिशा में है। चंद्र वास भी पूर्व दिशा में रहेगा और राहु वास पूर्व दिशा में बताया गया है। अग्निवास पृथ्वी पर है, जबकि शिववास भोजन में रहेगा। वहीं, कुम्भ चक्र के अनुसार दिशा दक्षिण है।
