Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 16 October 2026: 16 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है। इस दिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी। नवरात्रि के छठे दिन (Navratri Day 6) मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की आराधना से भक्तों को सुख-समृद्धि और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए भी मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
आज का पंचांग (16 अक्टूबर 2026)
पंचांग के अनुसार, षष्ठी तिथि, नक्षत्र, योग, चंद्रमा की राशि और अन्य ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के शुभ-अशुभ समय का विचार किया जाता है। मां कात्यायनी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से आराधना करना विशेष फलदायी माना जाता है। आइए जानते हैं 16 अक्टूबर 2026 का संपूर्ण पंचांग, पूजा का शुभ समय, राहुकाल और दिशा शूल की जानकारी।
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
16 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 22 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 51 मिनट पर होगा। वहीं, चंद्रोदय सुबह 11 बजकर 39 मिनट पर और चंद्रास्त रात 9 बजकर 36 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र और पंचांग
16 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 5 बजकर 54 मिनट तक, 17 अक्टूबर तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, इसके बाद मूल नक्षत्र प्रारंभ होगा। शोभन योग रात 10 बजकर 6 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद अतिगण्ड योग शुरू हो जाएगा। करण की बात करें तो कौलव करण शाम 4 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, इसके बाद तैतिल करण प्रारंभ होगा, जो 17 अक्टूबर की सुबह 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। आज शुक्रवार है और चंद्र पक्ष के अनुसार शुक्ल पक्ष चल रहा है।
आज का नक्षत्र
16 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी और शक संवत 1948 पराभव रहेगा। वहीं, गुजराती संवत 2082 पिङ्गल है। पंचांग के अनुसार, इस दिन आश्विन मास रहेगा। पूर्णिमान्त पद्धति और अमान्त पद्धति, दोनों में चन्द्रमास आश्विन है। बृहस्पति संवत्सर के विवरण में सिद्धार्थी और रौद्र संवत्सर का उल्लेख मिलता है। द्रिक और वैदिक, दोनों पद्धतियों के अनुसार शरद ऋतु रहेगी। इस दिन दक्षिणायण का समय चल रहा है। पंचांग के अनुसार, दिनमान 11 घंटे 28 मिनट 19 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 32 मिनट 17 सेकंड रहेगा। वहीं, मध्याह्न का समय दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर होगा।
आज के शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:42 बजे से 5:32 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:07 बजे से 6:22 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:01 बजे से 2:47 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:51 बजे से 6:16 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:51 बजे से 7:06 बजे तक
- अमृत काल: रात 2:35 बजे से 4:23 बजे तक (17 अक्टूबर)
- निशिता मुहूर्त: रात 11:42 बजे से 12:32 बजे तक (17 अक्टूबर)
- रवि योग: सुबह 6:47 बजे से अगले दिन सुबह 6:23 बजे तक (17 अक्टूबर)
आज के अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 2:59 बजे से शाम 4:25 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 7:48 बजे से 9:14 बजे तक
- विडाल योग: सुबह 6:47 बजे से अगले दिन सुबह 6:23 बजे तक (17 अक्टूबर)
- वर्ज्य: दोपहर 3:47 बजे से शाम 5:35 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:40 बजे से 9:26 बजे तक
- गण्ड मूल: पूरे दिन
- अभिजित मुहूर्त के बाद अतिरिक्त समय: दोपहर 12:29 बजे से 1:15 बजे तक (स्रोत में समय का लेबल स्पष्ट नहीं है)
- बाण: मृत्यु बाण शाम 7:45 बजे तक
- विंछुड़ो: सुबह 6:22 बजे से 6:47 बजे तक
- अग्नि बाण: शाम 7:45 बजे से पूरी रात तक
निवास और शूल
16 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को पंचांग के अनुसार होमाहुति के स्वामी बुध हैं और दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा। अग्निवास आकाश में रहेगा, जो 17 अक्टूबर की सुबह 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। शिववास नंदी पर रहेगा, जो इसी समय तक मान्य होगा। नक्षत्र शूल पूर्व दिशा में सुबह 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, जबकि इसके बाद पूर्व दिशा का उल्लेख पूरे दिन के लिए किया गया है। चंद्रवास उत्तर दिशा में सुबह 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। राहु का वास दक्षिण-पूर्व दिशा में रहेगा। वहीं, कुंभ चक्र के अनुसार सुबह 6 बजकर 47 मिनट तक पूर्व दिशा का उल्लेख है।
