Aaj ki Shayari: अपनों से मिले धोखे के दर्द को बेहद खूबसूरती से बयां करता है शकील बदायूंनी का यह शेर

आज की शायरी (Aaj ki Shayari): शकील बदायूंनी के इस शेर का असल भाव यह है कि सबसे बड़ा जख्म वही होता है जो अपने देते हैं। यह शेर इश्क की थकान, टूटे भरोसे और प्यार में मिलने वाले दर्द को बेहद सादगी से सामने रखता है।

Shayari of The Day (आज की शायरी): शकील बदायूंनी का नाम उर्दू और हिंदी के महानतम शायरों में शुमार है। उन्होंने फिल्मों के लिए भी खूब गीत लिखे। उनकी कलम से निकले शब्द आज भी लोगों के एहसास को हिलकर रख देने का का करते हैं। 3 अगस्त 1916 को बदायूं, उत्तर प्रदेश में जन्मे शकील बदायूंनी को खास तौर पर दर्द, मोहब्बत और इंसानी भावनाओं को सादगी से पेश करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने ऐसे-ऐसे शेर लिखे जो आम आदमी की भावनाओं से सीधे जुड़ते थे। 1970 में उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी शायरी आज भी मोहब्बत और संवेदना की जुबान बनी हुई है। आज की शायरी में पढ़ें शकील बदायूंनी का मशहूर शेर:

Shakeel Badayuni (1)

आज की शायरी में शकील बदायूंनी का मशहूर शेर

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

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