Sukhbir Singh Jaunapuria Video: राजस्थान के टोंक के कराड में जरूरतमंदों को कंबल बांटने के एक इवेंट में, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक नेता ने तीन मुस्लिम महिलाओं को कंबल देने से मना कर दिया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वह मुस्लिम थी। जैसे ही नेता को उनके नाम पता चले तो धर्म के नाम पर उन्होंने मना कर दिया कि इन्हें कंबल नहीं दो। कहा जा रहा है कि नेता ने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'गाली” देते हैं, उन्हें कंबल लेने का कोई हक नहीं है।' इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर उपलब्ध एक वीडियो में बुजुर्ग मुस्लिम महिला को इस पूरे मामले के बारे में जानकारी देते हुए देखा जा सकता है।
राजस्थान में बुजुर्ग मुस्लिम महिला से BJP नेता का बुरा व्यवहार
सोशल मीडिया पर सोमवार सुबह आए एक वीडियो में, टोंक-सवाई माधोपुर से दो बार के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया को उन मुस्लिम महिलाओं में से एक का नाम पूछते हुए सुना जा सकता है। जब महिलाओं ने अपना नाम बताया सुकरन खान तो जौनापुरिया ने अपने लोगों से उनसे कंबल वापस लेने को कहा और कहा कि इन्हें कंबर मत दो। यहां ये क्यों लाए गए। भेजा यहां से।
'जो लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली देते...'
जौनापुरिया को यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'जो लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली देते हैं, उन्हें इन कंबलों पर कोई हक नहीं है। प्लीज हट जाएं। कंबल वहीं छोड़ दें।'फिर उन्हें दो और महिलाओं, रजिया और ज़ुबैदा के नाम पूछते हुए और उन्हें कंबल देने से मना करते हुए और उन्हें जाने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है।
सुकरन खान ने रिपोर्टर्स से कहा, 'वह सबको कंबल दे रहे थे। लेकिन अचानक, उन्होंने अपने स्टाफ से हमारे नाम पूछने को कहा। हमने उन्हें अपने नाम बताए। वह नाराज हो गए क्योंकि हम मुसलमान हैं। उन्होंने तुरंत हमारे कंबल वापस ले लिए।'
एक और वीडियो में, कुछ लोग जौनपुरिया के बर्ताव का विरोध करते दिखे। उनमें से एक ने उनसे कहा, 'क्या आपको शर्म नहीं आती? आपने इन बुज़ुर्ग महिलाओं को कंबल देने से मना कर दिया? उनमें से सिर्फ तीन-चार को ही छोड़ा गया।'
जौनपुरिया ने अपनी बात दोहराई और जवाब देते हुए सुना गया, 'अगर आपको बुरा लगता है तो कोई बात नहीं। वे कंबल ले लेंगे और बाद में शेखी बघारेंगे कि उन्होंने हमें बेवकूफ बनाया। आप बहस क्यों कर रहे हैं? किसी बहस की जरूरत नहीं है। यह कोई सरकारी स्कीम नहीं है। यह एक पर्सनल अरेंजमेंट है।'
सचिन पायलट ने क्या कहा?
राज्य व देश के बड़े नेताओं में शुमार सचिन पायलट ने मामले पर चिंता जताई और आक्रामकता दिखाते हुए X पर एक पोस्ट किया। कांग्रेस नेता ने कहा, 'BJP और RSS की मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनाओं की व्याख्या में करुणा की बजाय नफरत झलकती है। एक गरीब, ज़रूरतमंद महिला को कंबल देने से वंचित करना और उसका अपमान करना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन भी है।' 'दो बार सांसद रह चुके और क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया जी से अपेक्षा थी कि वे मानवीय संवेदनशीलता दिखाते।'
इससे पहले कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने जौनपुरिया के बर्ताव को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, 'इन मुस्लिम महिलाओं का अपमान किया गया। पहले, उन्होंने कंबल बांटे और फिर उन्हें वापस ले लिया। जब स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो उन्होंने उन्हें डांटा भी। उन ग्रामीणों ने उनके इस काम का कड़ा विरोध किया। यह एक सरकारी कर्मचारी के लिए वाकई शर्मनाक है, जिसने MP [संसद सदस्य] के तौर पर भी काम किया है।'
