BJP-JDS Alliance : लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सियासी शतरंज बिछ गई है। तमाम दल और नेता अपनी बाजियां खेलने लगे हैं। बीजेपी के खिलाफ विपक्ष की बैठक के बीच नए ट्वि्स्ट आते जा रहे हैं। सियासी दलों में खेमेबंदी का दौर भी तेज होने लगा है। इसी राजनीतिक उठापटक के बीच जनता दल (सेक्युलर) नेता एचडी कुमारस्वामी के संकेत ने नई अटकलबाजी को जन्म दे दिया है। कुमारस्वामी ने 2024 चुनावों के लिए अपनी पार्टी की रणनीति की ओर जैसा इशारा किया है उससे एकजुट विपक्ष की मुहिम को झटका लग सकता है।
कुमारस्वामी बोले, कुछ भी हो सकता है
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बेंगलुरु में संवाददाताओं से कहा, मैं विशेष रूप से किसी का नाम नहीं लेना चाहता। कुछ भी हो सकता है। इसमें ज्यादा वक्त नहीं लगेगा, यह इसी साल के अंत में या संसद चुनाव के बाद होगा। इसके लिए हमें इंतजार करना होगा। कुमारस्वामी का ये बयान पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के उस दावे के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने भविष्य में गठबंधन का संकेत दिया था। येदियुरप्पा ने कहा कि एचडी कुमारस्वामी जो भी कह रहे हैं वह बिल्कुल सच है और मैं उनके बयान का समर्थन करना चाहता हूं। कुमारस्वामी और हम भविष्य में एक साथ लड़ेंगे।
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए जद (एस) के भारतीय जनता पार्टी से हाथ मिलाने की सुगबुगाहट चल रही है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कहा जा रहा है कि कुमारस्वामी ने अपने हालिया दिल्ली दौरे के दौरान बीजेपी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है। संभावित भाजपा-जद(एस) गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर कुमारस्वामी ने 12 जून को कहा था कि लोकसभा चुनाव के लिए चुनावी समझौते पर फैसला स्थिति आने पर लिया जाएगा और अभी उनके सामने चुनाव लड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
बीजेपी ने जीती थी 25 सीटें
एक दिन बाद पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा था कि जद (एस) के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर कोई चर्चा नहीं हुई है, आने वाले दिनों में देखेंगे, राजनीति में भविष्य का अनुमान लगाना मुश्किल है। भाजपा ने कर्नाटक में 2019 के लोकसभा चुनावों में राज्य की कुल 28 सीटों में से 25 सीटें जीतकर परचम लहराया था, जबकि एक सीट पर उसके समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस और जद(एस) ने एक-एक सीट हासिल की थी।
