शुभांशु शुक्ला के स्पेस बैज में गढ़ी भारत की विज्ञान गाथा, लखनऊ के डिजाइनर ने किया तैयार

  • Agency by: Agency
  • Updated Aug 28, 2025, 03:05 PM IST

इसके केंद्र में एक अंतरिक्ष यात्री के हेलमेट आकार का ग्लोब है, जिसकी ठोड़ी पर भारत का नक्शा अंकित है। मनीष ने कहा कि यह बैज यह दर्शाता है कि भारत की पहचान अंतरिक्ष अन्वेषण की हर उड़ान में साथ है। उन्होंने बताया कि हनुमान जी को मैं पहला अंतरिक्ष यात्री मानता हूं, इसलिए इस 'बैज में पौराणिक और आधुनिक इतिहास की साझा झलक' है।

Shubhanshu Shukla : अंतरिक्ष की ऐतिहासिक यात्रा कर लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने जहां पूरे देश का मान बढ़ाया, वहीं उनके साथ गया मिशन बैज भी चर्चा का विषय बना हुआ है। यह बैज, भारत की वैज्ञानिक यात्रा और सांस्कृतिक विरासत को समेटे हुए एक अनूठा प्रतीक है। इसे राजधानी लखनऊ के डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने तैयार किया है, जिन्होंने बताया कि उनके लिए यह केवल एक डिजाइन नहीं, बल्कि राष्ट्र को समर्पित एक संकल्प रहा।

shubhanshu Shukla

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से हाल ही में लौटे हैं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला। तस्वीर-AP

मेरे जीवन का सबसे बड़ा सुकून-मनीष

आईएएनएस से विशेष बातचीत में मनीष ने कहा कि इस बैज को डिजाइन करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सुकून है। इसमें भारत की विज्ञान यात्रा, अध्यात्म और राष्ट्रवाद को साथ लेकर चलने की कोशिश की गई है। इस बैज में कई प्रतीकात्मक चित्र उकेरे गए हैं: 'पहला भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट, उगता सूरज, खगोलीय वेधशाला और ऐतिहासिक जंतर मंतर, गगनयान मिशन और अनंत खोज की निशानी 'इन्फिनिटी' साइन।'

End of Feed