Hijab Case: एक कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मुस्लिम महिला का हिजाब खींचने का मामला गरमाता जा रहा है। हिजाब खींचने के खिलाफ लखनऊ के कैसरबाग पुलिस स्टेशन में सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। यह केस समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता सुमैया राणा ने दर्ज कराया है। दरअसल, बीते सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री एक नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में पहुंचे थे। नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र सौप रहे थे। इसी दौरान एक मुस्लिम युवती नियुक्ति पत्र लेने के लिए पहुंची थी, उस युवती ने हिजाब पहन रखा था। सीएम नीतीश ने नियुक्ति पत्र देने के बाद उसका हिजाब हटाने की कोशिश की।
लखनऊ में नीतीश कुमार के खिलाफ केस दर्ज। तस्वीर-ANI
सीएम ने ‘पितृतुल्य’ भाव से व्यवहार किया-जमा खान
वहीं, बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक युवती के चेहरे से हिजाब हटाते समय ‘पितृतुल्य’ भाव से व्यवहार किया था। खान ने कहा, ‘मुख्यमंत्री संभवतः उस युवती के पिता से भी अधिक उम्र के हैं। मेरी भी एक बेटी है और मैं यह महसूस कर सकता हूं कि मुख्यमंत्री ने किस पितृतुल्य स्नेह के भाव से ऐसा किया।' कार्यक्रम में एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें से 10 चिकित्सकों को मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र सौंपे, जिनमें हिजाब पहने नुसरत परवीन भी शामिल थीं। मंच पर खड़े मुख्यमंत्री ने नुसरत परवीन को देखकर कहा, ‘यह क्या है?’और उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया।
महबूबा ने की आलोचना
जम्मू-कश्मीर के कई नेताओं ने बिहार में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान एक मुस्लिम महिला चिकित्सक का हिजाब हटाने को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मंगलवार को कड़ी आलोचना की। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने घटना के बाद नीतीश के (बिहार के मुख्यमंत्री) पद पर बने रहने पर सवाल उठाया। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं नीतीश जी को व्यक्तिगत रूप से जानती हूं और उनकी प्रशंसा भी कर चुकी हूं, लेकिन मुझे यह देखकर गहरा सदमा लगा कि उन्होंने एक युवती का हिजाब हटा दिया। क्या इस घटना को उनकी बढ़ती उम्र से जोड़ा जाए या फिर यह मान लिया जाए कि मुसलमानों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना आम हो गया है?'
लोकतांत्रिक मानदंडों का उल्लंघन है यह हरकत- तारिगामी
महबूबा ने कहा, 'यह तथ्य कि नीतीश के आसपास मौजूद लोगों ने इस शर्मनाक घटना को एक तरह के मनोरंजन के रूप में देखा, और भी अधिक परेशान करने वाला है। नीतीश साहब, शायद अब आपके इस्तीफे का समय आ गया है?' कुलगाम से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक एमवाई तारिगामी ने कहा कि नीतीश की यह हरकत संवैधानिक और लोकतांत्रिक मानदंडों का उल्लंघन है।
