Exercise La Perouse in Indian Ocean Region: द्विवार्षिक अभ्यास ला पेरोस फ्रांसीसी नौसेना द्वारा आयोजित किया जाता है, और इसका उद्देश्य समुद्री डोमेन जागरूकता बढ़ाने और भारत-प्रशांत क्षेत्र में भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच समुद्री समन्वय को अनुकूलित करना है। दो दिवसीय अभ्यास समान विचारधारा वाली नौसेनाओं को निर्बाध समुद्री संचालन के लिए योजना, समन्वय और सूचना साझा करने में घनिष्ठ संबंध विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। यह अभ्यास जटिल और उन्नत नौसैनिक संचालन का गवाह बनेगा, जिसमें सतही युद्ध, वायु-विरोधी युद्ध, वायु रक्षा अभ्यास, क्रॉस डेक लैंडिंग और सामरिक युद्धाभ्यास शामिल हैं।
बहुपक्षीय अभ्यास ला पेरोस का तीसरा संस्करण
स्वदेश में निर्मित गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्री और फ्लीट टैंकर आईएनएस ज्योति अभ्यास के इस संस्करण में भाग ले रहे हैं। अभ्यास में भारतीय नौसेना की भागीदारी मैत्रीपूर्ण नौसेनाओं के बीच उच्च स्तर के तालमेल, समन्वय और अंतर-संचालनीयता और भारत-प्रशांत क्षेत्र में एक नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।
समुद्र मे चीन की मनमानी पर इस तरह के अभ्यासों से नकेल कसी है
इस एक्सरसाइज की सबसे अहम बात यह है कि फ्रांस भी क्वाड देशों के साथ मिलकर चीन को संदेश देने आगे आया है। इस अभ्यास में सभी पांच नौसेनाओं के युद्धपोत, सबमरींस, हेलीकॉप्टर्स और नौसैनिक हिस्सा लेंगे। भारत ने पिछले कुछ सालों में समुद्र मे चीन की मनमानी पर इस तरह के अभ्यासों से नकेल कसी है। मित्र नौसेनाओं के साथ मिलकर मालाबार, ट्रॉपिक्स एक्सरसाइज जैसी तमाम एक्सरसाइज के जरिए भारतीय नौसेना अपना दमखम और बढा रही है।
