'प्रवेश-निकास दोनों गेट की आतंकियों ने कर ली थी घेरेबंदी, फिर बरसाईं गोलियां', पहलगाम नरसंहार पर पीड़ितों की गवाही

Pahalgam Terrorist Attack : रिपोर्ट के मुताबिक प्रवेश द्वार पर आतंकवादियों ने पर्यटकों को एक जगह एकत्र किया और महिलाओं से कहा कि वे पुरुषों से दूर चली जाएं लेकिन लोग इसके लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद आतंकियों ने हिंदुओं से मुस्लिमों से दूर खड़े होने के लिए कहा। इस बार भी लोगों ने उनकी बात मानने से इंकार किया।

Pahalgam Terrorist Attack : पहलगाम आतंकवादी हमले के वक्त क्या हुआ था, आतंकियों ने कैसे 26 लोगों की जान ली, इस बारे में हमले को अपनी आंखों से देखने और खौफ को महसूस करने वाले लोगों ने जांच एजेंसियों को बताया है। रिपोर्टों के मुताबिक 22 अप्रैल को हुए इस हमले के पीड़ितों एवं प्रत्यक्षदर्शियों ने जांच एजेंसियों को दिए अपने बयान में कहा है कि पर्यटकों को बैसरन घाटी से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था क्योंकि आतंकियों ने प्रवेश और निकास द्वारा दोनों की घेरेबंदी कर दी थी। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस हमले को चार आतंकवादियों ने अंजाम दिया।

terrorist attack

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुआ आतंकवादी हमला।

हमले के वक्त जंगल में छिपा रहा होगा चौथा आतंकवादी

इनमें से दो आतंकवादी प्रवेश द्वार से आए और एक आतंकवादी निकास द्वार पर मौजूद था। जांच एजेंसियों का मानना है कि चौथा आतंकवादी कवर फायर देने के लिए शायद जंगल में छिपा होगा। इनमें से तीन आतंकवादियों ने गोलीबारी की। इनमें से दो आतंकवादी सेना जैसी वर्दी पहने हुए थे। जबकि तीसरा आतंकवादी कश्मीरी फेरन पहने हुए था। पीड़ितों का कहना है कि आतंकवादी पर्यटकों के पास पहुंचे उनसे कलमा पढ़ने के लिए कहा। फिर उनका नाम और धर्म पूछकर गोली मार दी। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की जान गई।

End of Feed