Delhi-NCR Expressway: दिल्ली-एनसीआर आने-जाने वालों को लिए मुश्किलों के दिन खत्म होने वाले हैं क्योंकि नेशनल हाईवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया, (एनएचएआई) और परिवहन मंत्रालाय लगातार नए-नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। कई एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ने पर काम चल रहा है ताकि किसी भी रास्ते से यात्रा आसान हो सके। इसके लिए तीन नए एक्सप्रेसवे बनाने का भी फैसला किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर आने-जाने के लिए बनेंगे और तीन एक्सप्रेसवे
दिल्ली-एनसीआर से जुड़ने के लिए बनेंगे 3 एक्सप्रेसवे
दिल्ली-एनसीआर रिंग एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। कहा जा रहा है कि यह एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तरह ही होगा। इस पर काम चल रहा है। दिल्ली के सिंधु बॉर्डर तक भी एक एक्सप्रेसवे बनाने का प्लान है। यह फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद होते हुए दिल्ली जाएगा। तीसरा 60 किलोमीटर लंबा जेवर एयरपोर्ट से एनएच 9 तक हाईवे बनाया जाएगा। यहा हापुड़ और बुलंदशहर से जुड़ेगा।
पश्चिमी यूपी के कई जिलों को होगा फायदा
जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को रोड कनेक्टिविटी क बेहतर बनाने पर काम चल रहा है। एनएच 9 से जुड़ने के बाद मेरठ, हापुड़ समेत पश्चिमी यूपी के कई जिले नोएडा और गाजियाबाद से जुड़ जाएंगे। साथ ही 100 मीटर चौड़ा एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के चोला तक बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे को नेशनल हाईवे-34 से जोड़ा जाएगा।
मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। छह लेन वाला यह एक्सप्रेस देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। जिससे दिल्ली-एनसीआर पहुंचने में आसानी होगी। बदायूं से हरदोई तक 151.7 किमी बनेगा। हरदोई से उन्नाव तक 155.7 किमी बनेगा और उन्नाव से प्रयागराज तक 157 किमी तक बनेगा। इस पर 17,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
दिल्ली-एनसीआर रिंग एक्सप्रेसवे
दिल्ली-एनसीआर के शहरों में सफर को आसान बनाने के लिए नई रिंग रोड या एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यह पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तरह होगा। इस पर एनसीआर प्लानिंग बोर्ड काम कर रहा है। बोर्ड मास्टर प्लान 2041 बना रहा है।
