Waqf Amendment Bill : विपक्ष के विरोध के बावजूद वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पहले लोकसभा से और फिर राज्यसभा से पास हो गया है। दोनों सदनों से विधेयक के पारित हो जाने के बाद अब यह कानून बन गया है। हालांकि, विपक्ष अभी हार मानने वाला नहीं है। उसने इस विधेयक की 'वैधानिकता' को चुनौती देने का फैसला किया है। कांग्रेस सांसद एवं मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन विधेयक की 'वैधानिकता' को चुनौती देगी।
वक्फ बिल की संवैधानिकता को चुनौती देगी कांग्रेस।
सोशल मीडिया X पर अपने एक पोस्ट में कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), सूचना का अधिकार (संशोधन), निर्वाचन संचालन नियम सहित कई कानूनों को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है और कानूनी लड़ाई लड़ रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि उपासना स्थल अधिनियम, 1991 की मूल भावना को बनाए रखने संबंधी कांग्रेस की याचिका पर उच्चतम न्यायलय में सुनवाई की जा रही है।
गुरुवार रात राज्यसभा में पास हुआ विधयेक
बता दें कि राज्यसभा ने वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधानों वाले ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। इसी के साथ संसद में यह विधेयक पारित हो गया। लोकसभा ने बुधवार देर रात करीब दो बजे इस विधेयक को पारित कर दिया था।
जयराम ने कहा, ‘हम भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों, प्रावधानों और परंपराओं पर मोदी सरकार के सभी हमलों का विरोध करते रहेंगे।’
बसपा स्वीकार नहीं करेगी यह विधेयक-मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने वक्फ (संशोधन) विधेयक को जल्दबाजी में पारित करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि इस विधेयक को जनता की चिंताओं एवं शंकाओं को दूर करने के बाद ही पेश किया जाना चाहिए था। उनकी यह टिप्पणी बृहस्पतिवार देर रात को राज्यसभा द्वारा विधेयक को पारित करने के बाद आई। विधेयक को लोकसभा में मंजूरी मिल चुकी है, जहां विपक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया था।
पीएम ने वक्फ विधेयक के पारित होने की सराहना की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक के पारित होने की सराहना की और कहा कि यह कदम सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास के सामूहिक प्रयास की दिशा में एक महत्वपूर्ण क्षण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार होगा जो लंबे समय से हाशिये पर हैं, जिन्हें आवाज उठाने और अवसर दोनों से वंचित रखा गया है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि दशकों से वक्फ प्रणाली पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का पर्याय बन गई है, जिससे विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुसलमानों और पसमांदा मुसलमानों के हितों को नुकसान पहुंच रहा है।
