'खालिस्तान की मांग में कोई बुराई नहीं, इसके हैं जियोपोलिटिकल फायदे', खालिस्तानी सरगना अमृतपाल के ये कैसे बोल?

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Feb 24, 2023, 02:35 PM IST

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने कहा कि यह विचार है और विचार कभी मरते नहीं। इसके साथ ही उसने खालिस्तान में बौद्धिक अंश भी देखा। उसके भूराजनीतिक फायदे भी बताए। ये बात अलग है कि अमृतसर के अजनाला थाने पर उसके समर्थकों ने धावा बोल दिया था।

पंजाब के अमृतसर जिले में एक थाना अजनाला है। गुरुवार 23 फरवरी को हजारों की संख्या में निहंग सिख थाने को घेर रखे थे। मांग थी कि अमृतपाल सिंह के समर्थक लवप्रीत तूफान को पुलिस ने गिरफ्तार क्यों किया है। अमृतपाल के समर्थक उसकी रिहाई की मांग कर रहे थे। लेकिन जब पुलिस ने बात नहीं सुनी तो हाथों में तलवार थाने पर धावा बोल दिया। पंजाब पुलिस खड़ी खड़ी देखती रह गई। इस हंगामे के बाद अमृतपाल ने बयान जारी कर कहा कि जो हाल इंदिरा गांधी का हुआ था वही हाल गृहमंत्री अमित शाह, नरेंद्र मोदी और भगवंत मान का करेंगे। इस शख्स के बारे में पता चला कि यह खालिस्तान का समर्थक है और वारिस दा पंजाब का मुखिया है। इस संगठन की स्थापना किसान आंदोलन के वक्त संदीप सिंह ऊर्फ दीप सिद्धू ने की थी। दीप सिद्धू वही शख्स है जिसने लाल किले पर निशान फहराया था। हालांकि सड़क हादसे में उसकी मौत हो चुकी है।

amritpal singh

अमृतपाल सिंह

पंजाब पुलिस ने गुरुवार को ही कहा कि लवप्रीत को गिरफ्तार नहीं किया गया है बल्कि संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया था और उसे रिहा कर दिया जाएगा। 24 फरवरी को अमृतपाल सिंह थाने गया और भड़काने वाले बयान दिया। खालिस्तान के बारे में उसने कहा कि इस शब्द को बौद्धिक नजरिए से देखना चाहिए। अमृतपाल ने कहा कि उसकी खालिस्तान की मांग को किसी बुराई या गलत रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे बौद्धिक तरीके से देखेंगे तो आपको पता चलेगा की किस तरह जियोपोलिटिकल तौर पर फायदा हो सकता है। यह एक विचार है और विचार कभी मरते नहीं। हम इसकी मांग दिल्ली से नहीं कर रहे।

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