आज की ताजा खबर, 10 सितंबर 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण में 76.41 फीसदी मतदान, आकाश आनंद के खातिर BSP से बाहर हुए ससुर सिद्धार्थ...नोएडा एयरपोर्ट पर पहली विदेशी लैंडिंग, 3 रूसी सैन्य विमान आए
आज की ताजा खबर लाइव, 10 सितंबर 2026 ब्रेकिंग हिंदी न्यूज़ [राजस्थान निकाय चुनाव], [आकाश आनंद], [नोएडा जेवर एयरपोर्ट] के मुख्य समाचार Latest News in Hindi: नोएडा स्थित नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) पर मंगलवार सुबह तीन रूसी सैन्य विमानों ने लैंडिंग की। यह नव-निर्मित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने वाला पहला विदेशी और सैन्य विमान दस्ता बना। इसके अलावा बसपा प्रमुख के भतीजे आकाश आनंद के ससुर सिद्धार्थ ने किया राजनीति से संन्यास का ऐलान। वहीं, राजस्थान में निकाय चुनाव के पहले चरण में 76.41 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है। इसके अलावा फिलीपीन में नौका में आग लगने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है और कई लापता है। पढ़ें देश और दुनिया की अन्य खबरें
आज की ताजा खबर (Aaj Ki Taaja Khabar), Latest Breaking Hindi News (ब्रेकिंग हिंदी न्यूज़), [राजस्थान निकाय चुनाव], [आकाश आनंद], [नोएडा जेवर एयरपोर्ट] के मुख्य समाचार (Aaj Ke Mukhya Samachar) LIVE: नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन (12-13 सितंबर 2026) से ठीक पहले नोएडा स्थित नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) पर मंगलवार सुबह तीन रूसी सैन्य विमानों ने लैंडिंग की। यह नव-निर्मित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने वाला पहला विदेशी और सैन्य विमान दस्ता बना। वहीं, फिलीपीन के पश्चिमी तट के पास समुद्र में एक यात्री नौका में आग लगने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी तथा कई अन्य लापता हो गए। तटरक्षक बल ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इसके अलावा, राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण में बुधवार को कुल 76.41 प्रतिशत मतदान हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इधर, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर एवं राज्यसभा के पूर्व सदस्य अशोक सिद्धार्थ ने बृहस्पतिवार को राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। पढ़ें- देश और दुनिया की बाकी खबरें नीचे
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली विदेशी लैंडिंग, भारत पहुंचे 3 रूसी सैन्य विमान
12 और 13 सितंबर 2026 को भारत की राजधानी नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों (भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और हाल ही में शामिल हुए नए सदस्य देश) के राष्ट्राध्यक्ष व वैश्विक नेता हिस्सा ले रहे हैं।
फिलीपीन में नौका में आग लगने से कम से कम पांच लोगों की मौत, कई लापता
तटरक्षक बल की प्रवक्ता कमोडोर नोएमी कायाब्याब ने बताया कि अब तक 42 लोगों को बचाया जा चुका है और राहत एवं बचाव अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि लापता लोगों की संख्या 87 है, लेकिन बचाव अभियान जारी रहने के कारण यह संख्या बदल सकती है।
एमवी जून एस्टर नामक यह नौका मनीला से रवाना हुई थी और बुधवार को आग लगने के समय पलावान प्रांत के कोरोन के पास थी।
कायाब्याब ने बताया कि नौका पर कुल 134 लोग सवार थे, जिनमें 117 यात्री और 17 चालक दल के सदस्य शामिल थे।
मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी का विशेष सम्मेलन, ट्रंप ने डेमोक्रेट्स को घेरा
हालांकि, ट्रंप की ’कम स्वीकृति रेटिंग’ देशभर में कड़े मुकाबले वाली सीटों पर रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
चुनाव में कड़े मुकाबले का सामना कर रहे उम्मीदवारों समेत कई रिपब्लिकन नेता डलास में हो रहे इस दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहे हैं। वहीं, कुछ अन्य नेता उम्मीद कर रहे हैं कि सम्मेलन में उनकी मौजूदगी से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और वे ट्रंप के समर्थकों को ऐसे साल में मतदान के लिए प्रोत्साहित कर पाएंगे, जब ट्रंप खुद मतपत्र पर नहीं होंगे।
सम्मेलन के पहले दिन ट्रंप ने कहा, ’’अगर हम अमेरिका का भविष्य कट्टरपंथी वामपंथी डेमोक्रेट्स के हाथों में सौंप देते हैं तो हमारा देश अगले एक दशक तक सिर्फ अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश करता रहेगा। यह एक त्रासदी होगी। रिपब्लिकन को वोट दें और हम आने वाली पीढ़ियों तक पूरी दुनिया को पीछे छोड़ देंगे।’’
इस सम्मेलन में डेमोक्रेट्स को अत्यधिक वामपंथी साबित करने की कोशिश की गई। उन्हें कम्युनिस्ट, अमेरिका-विरोधी और यहां तक कि ’’दुष्ट’’ तक बताया गया।
इस कार्यक्रम को एक अप्रत्याशित समर्थन भी मिला। डेमोक्रेटिक पार्टी के पेनसिल्वेनिया से सीनेटर जॉन फेटरमैन ने एक वीडियो संदेश में कहा, ’’मैं हमेशा कट्टरपंथ और समाजवाद को खारिज करूंगा।’’
फेटरमैन का अपनी ही पार्टी के नेताओं के साथ टकराव रहा है।
सम्मेलन के पहले ही दिन ट्रंप की राजनीतिक टीम ने भारी मात्रा में धन खर्च करना शुरू कर दिया। ’द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने बुधवार को पहली बार खबर दी कि ट्रंप की राजनीतिक टीम के पास सैकड़ों करोड़ डॉलर की रकम है और उसने ’नो गोइंग बैक पीएसी इंक.’ नाम के एक नए समूह के जरिए बड़े पैमाने पर खर्च शुरू किया है।
इस समूह ने सीनेट के छह कड़े मुकाबले वाले चुनावों और प्रतिनिधि सभा के एक कड़े मुकाबले वाले चुनाव में 4.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च करने के लिए धन सुरक्षित रखा है।
सामान्य राजनीतिक सम्मेलन हर चार साल में होते हैं और उनका उद्देश्य सिर्फ तामझाम और औपचारिकताओं तक सीमित नहीं होता। इनमें पार्टियां आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार का नामांकन करती हैं। इसके विपरीत, इस सप्ताह का सम्मेलन पूरी तरह ’’ट्रंप शो’’ बना हुआ है।
हालांकि, कार्यक्रम के शुरुआती घंटों में बड़ी संख्या में सीटें खाली थीं, यहां तक कि मंच के आसपास के हिस्सों में भी। ट्रंप के भाषण से पहले अधिकांश सीटें भर गयीं, हालांकि ऊपरी दीर्घाओं में फिर भी काफी सीटें खाली रहीं।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान युद्ध के कारण बढ़ी तेल की कीमतें संभवतः मध्यावधि चुनाव के बाद ही नीचे आएंगी।
राजस्थान: निकाय चुनाव के पहले चरण में 76.41 फीसदी मतदान
अधिकारियों के अनुसार प्रतापगढ़ जिले की अरनोद नगर पालिका में सबसे अधिक 91.98 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि भीलवाड़ा नगरपालिका में सबसे कम 63.68 प्रतिशत मतदान हुआ।
राज्य के कुल 309 में से 162 नगर निकायों में बुधवार को मतदान हुआ। इनमें चार नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगर पालिकाएं शामिल हैं। बाकी बचे निकायों में शुक्रवार को मतदान होगा। मतगणना 14 सितंबर को होनी है।
राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार राज्य के 5393 वार्ड में पार्षद के लिए बुधवार को हुए मतदान में कुल 57.52 लाख से अधिक मतदाताओं में से लगभग 43.95 लाख मतदाताओं ने वोट डाले और कुल मत प्रतिशत 76.41 प्रतिशत रहा। इस चरण में 20 हजार से अधिक उम्मीदवार अपना चुनावी भाग्य आजमा रहे हैं।
मतदान के दौरान कई स्थानों पर झड़प, कथित फर्जी मतदान और ईवीएम में गड़बड़ी की घटनाएं सामने आईं।
बसपा प्रमुख के भतीजे आकाश आनंद के ससुर सिद्धार्थ ने किया राजनीति से संन्यास का ऐलान
सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह अभी इसी वक्त राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास ले रहे हैं और संन्यास तो बहुत छोटी चीज है अगर उन्हें कभी मायावती के लिए अपनी जान भी देनी पड़े तो वह उनके लिए फख्र की बात होगी।
दरअसल मायावती ने बुधवार को ’एक्स’ पर एक संदेश में सिद्धार्थ पर लगातार अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा था कि अगर वह राजनीति से संन्यास ले लें तभी उनके दामाद आकाश आनंद को पार्टी में दोबारा जिम्मेदारियां देने पर विचार किया जा सकता है।
सिद्धार्थ ने अपनी पोस्ट में कहा कि मायावती का आदेश उनके लिए दुनिया की किसी भी चीज से बढ़कर है। उन्होंने कहा कि वह पिछले 35 साल से बसपा के प्रति समर्पित रहे हैं और जो भी जिम्मेदारी उन्हें दी गई उसे पूरी सामर्थ्य के साथ निभाने की उन्होंने कोशिश की है।
सिद्धार्थ ने कहा कि मायावती के आदेश के आगे सारे रिश्ते नाते बेहद छोटे हैं। उन्होंने कहा, "आपने मुझ जैसे मामूली से कार्यकर्ता को अपने परिवार का सदस्य बनाया। ये आपका ऋण है, जो मैं इस जीवन में चुका नहीं सकता।"
सिद्धार्थ ने कहा कि वह भगवान गौतमबुद्ध और अपने राजनीतिक आदर्श कांशीराम की कसम खाते हैं कि उन्होंने कभी पार्टी के हित के खिलाफ कोई काम नहीं किया।
आकाश आनंद को बरगलाने के मायावती के आरोप की तरफ इशारा करते हुए सिद्धार्थ ने कहा कि आकाश को सलाह देना तो दूर बीते कई महीनों से उनकी आकाश से मुलाकात तक नहीं हुई है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के ही कुछ साथी उन्हें मायावती से मिलने वाले सम्मान की वजह से ही आरोप लगाते हैं कि वह पार्टी पर कब्जा करना चाहते हैं और आकाश आनंद को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इसमें लेशमात्र भी सच्चाई नहीं है।
सिद्धार्थ ने कहा, "अगर आज आपको लगता है कि मेरे राजनीतिक और सामाजिक जीवन में रहने से हमारे संतों , गुरुओं और महापुर्षों के बनाए हुए बहुजन मिशन को नुकसान पहुंच रहा है तो मैं अभी इसी वक्त राजनैतिक और सामाजिक जीवन से सन्यास ले रहा हूं।"
उन्होंने कहा कि वह मायावती के आजीवन कर्जदार रहेंगे ऐसे में सन्यास तो बहुत छोटी चीज है अगर उनके लिए जान भी देनी पड़े तो वह भी फख्र की बात होगी।
