Clove Water Benefits: खाना खाने के बाद आपको भी कई बार पेट भारी लगता होगा या हर बार कुछ मीठा खाने की इच्छा होती होगी। ऐसी परेशानियों में अक्सर रसोई की किसी चीज से राहत पाने का खयाल आता है। लौंग का पानी भी ऐसा ही एक घरेलू पेय है। लेकिन क्या इसे रोज पीने से पाचन सुधरता है और शरीर को दूसरे फायदे भी मिलते हैं?
क्या लौंग का पानी रोज पी सकते हैं, जानें डॉ. हंसा क्या कहती हैं इस पर (AI Image)
डॉ. हंसा योगेन्द्र ने अपने वीडियो में लौंग का पानी बनाने के तरीके और इसके संभावित फायदे बताए हैं। हालांकि, लौंग के गुणों और घर में बने उसके पानी के असर में फर्क समझना जरूरी है। औषधीय फायदे साबित करने के लिए अभी पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
लौंग का पानी कैसे बनाएं
डॉ. हंसा योगेन्द्र इसके दो तरीके बताए हैं। पहले तरीके में एक गिलास पानी में तीन से चार लौंग रातभर भिगोकर रखी जाती हैं। सुबह पानी छान लिया जाता है।
दूसरे तरीके में एक कप पानी में तीन से चार लौंग डालकर उबालना है। फिर ढककर करीब पांच मिनट धीमी आंच पर पकाना है। थोड़ा ठंडा होने पर इसे छान सकते हैं।
क्या लौंग का पानी पाचन में मदद करता है
डॉ. हंसा योगेन्द्र के अनुसार, लौंग का पानी खाने के बाद भारीपन, गैस और पेट फूलने जैसी शिकायतों में मददगार हो सकता है। लौंग का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पाचन के लिए होता आया है।
फिर भी, पेट हल्का महसूस होने को किसी बीमारी के ठीक होने का संकेत न मानें। बार-बार पेट फूलता है तो खाने की मात्रा, जल्दबाजी में भोजन करने और कब्ज जैसी वजहों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
क्या इससे मीठा खाने की इच्छा कम होती है
वीडियो में लौंग के कुछ तत्वों को ग्लूकोज के इस्तेमाल और इंसुलिन की प्रतिक्रिया से जोड़कर समझाया गया है। इस संबंध में एक छोटे मानव अध्ययन में लौंग के विशेष अर्क के साथ ब्लड शुगर में सुधार देखा गया था। लेकिन यह शोध घर में बनाए लौंग के पानी पर नहीं था। इससे यह साबित नहीं होता कि रोज यह पानी पीने से शुगर नियंत्रित होगी या मीठे की इच्छा घट जाएगी।
मीठा खाने की आदत समझने के लिए पूरे दिन का भोजन, नींद और भोजन के बीच का अंतर भी देखना होगा।
इम्यूनिटी और शरीर की सूजन पर क्या असर होता है
लौंग में यूजेनॉल नाम का तत्व होता है। इसकी खास खुशबू की एक वजह यही है। डॉ. हंसा योगेन्द्र की मानें तो इसी की वजह से लौंग को अच्छा एंटीऑक्सीडेंट और सूजन से जुड़े संभावित फायदे देने वाला माना जाता है।
यूजेनॉल के गुणों पर शोध हुआ है, लेकिन रोज एक कप लौंग का पानी पीने से संक्रमण कम होंगे या शरीर की पुरानी सूजन दूर होगी, ऐसा पक्का दावा करना सही नहीं है।
गले और मुंह की सेहत के लिए कितना उपयोगी
वीडियो में गले की खराश और मुंह की दुर्गंध में संभावित राहत का भी जिक्र है। हालांकि, लौंग वाला पानी दांतों की सफाई या इलाज की जगह नहीं ले सकता। लगातार दांत दर्द, मसूड़ों से खून या लंबे समय तक खांसी रहने पर जांच कराना जरूरी है।
रोज लौंग का पानी पीने से पहले क्या सावधानी रखें
डॉ. हंसा योगेन्द्र की मानें तो लौंग का पानी ज्यादा मात्रा लेना सही नहीं है। इससे पेट में जलन, मितली और असहजता हो सकती है। गर्भावस्था, स्तनपान, खून पतला करने वाली दवाओं या गंभीर बीमारी की स्थिति में वह पहले डॉक्टर की सलाह लेने को कहती हैं।
लिवर को फायदा पहुंचाने के इरादे से लौंग का तेल बिल्कुल न पिएं। यह बहुत गाढ़ा होता है और अधिक मात्रा में गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। लौंग का पानी पसंद हो तो उसे सामान्य पेय की तरह देखें। सेहत सुधारने की उम्मीद में उसकी मात्रा बढ़ाते जाना ठीक नहीं है।
