किसानों की किस्मत बदलेगी PM धन-धान्य कृषि योजना! समझें खेती से कमाई बढ़ाने का पूरा प्लान

PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana Explained:प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत 100 जिलों में खेती की उत्पादकता, सिंचाई, भंडारण और कर्ज सुविधाओं को बेहतर बनाकर किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana Explained : भारत में खेती लाखों किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है। इसके बावजूद देश के कई जिलों में किसानों को कम पैदावार, पानी की कमी, खेती के लिए कर्ज मिलने में परेशानी और फसल रखने के लिए गोदाम जैसी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं को दूर करने और खेती को अधिक लाभदायक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) शुरू की है। इस योजना के तहत देश के 100 ऐसे जिलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां कृषि विकास की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन कई कारणों से किसान अपनी पूरी क्षमता के अनुसार उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। इस योजना का मकसद सिर्फ फसल की पैदावार बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों को सिंचाई, भंडारण, कर्ज, नई तकनीक और बाजार जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। आइए समझते हैं कि पीएम धन-धान्य कृषि योजना क्या है, इसके तहत क्या काम किए जा रहे हैं और इससे किसानों को किस तरह फायदा हो सकता है।

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PM धन-धान्य योजना से किसानों को कैसे होगा फायदा? (तस्वीर-AI)

क्या है प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना?

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को 11 अक्टूबर 2025 को औपचारिक रूप से शुरू किया गया था। केंद्रीय कैबिनेट ने 16 जुलाई 2025 को इसे मंजूरी दी थी। यह योजना वित्त वर्ष 2025-26 से शुरू होकर 6 साल तक लागू की जाएगी। इस योजना के तहत देश के 100 ऐसे जिलों को चुना गया है, जहां कृषि उत्पादकता कम है और खेती से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरुरत है। कृषि उत्पादकता का मतलब है कि किसान एक निश्चित जमीन पर कितना अनाज या दूसरी फसल पैदा कर पाता है। उदाहरण के लिए, अगर दो किसान एक-एक हेक्टेयर जमीन पर खेती करते हैं, लेकिन एक किसान को दूसरे के मुकाबले काफी कम उपज मिलती है, तो उसके पीछे सिंचाई, बीज, मिट्टी की गुणवत्ता, तकनीक या खेती के दूसरे साधनों की कमी हो सकती है। इस योजना का उद्देश्य ऐसी समस्याओं को पहचानना और उनका समाधान करना है। यह योजना नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम से प्रेरित है। इस कार्यक्रम की तरह इसमें भी पिछड़े क्षेत्रों की जरुरतों को समझकर विकास के काम करने पर जोर दिया गया है। हालांकि, पीएम धन-धान्य कृषि योजना का मुख्य ध्यान कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर है।

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