Rajasthan Chunav News: राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो चुकी है। यहां भाजपा बनाम कांग्रेस की सीधी जंग देखी जा रही है। हालांकि भाजपा ने इस बार किसी चेहरे पर दाव नहीं लगाया है। राज्यों में मोदी के चेहरे पर विधानसभा चुनाव लड़ा जा रहा है। इस बीच विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट पर विचार करने के लिए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर राजस्थान भाजपा कोर कमेटी के नेताओं की बैठक चल रही है।
राजस्थान चुनाव के लिए क्या है भाजपा का अगला प्लान?
बैठक में कौन-कौन नेता शामिल?
नड्डा की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष, राजस्थान चुनाव प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, राजस्थान प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे सिंधिया, गजेंद्र सिंह शेखावत, कैलाश चौधरी, सतीश पुनिया, कुलदीप बिश्नोई, राजेंद्र राठौड़ और नितिन पटेल समेत राजस्थान भाजपा कोर कमेटी में शामिल अन्य महत्वपूर्ण नेता भी मौजूद हैं।
सांसदों और मंत्रियों पर भरोसे की वजह
पहली लिस्ट में भाजपा ने राज्यवर्धन सिंह राठौड़, वसुंधरा राजे, बालकनाथ जैसे सांसदों को मैदान में उतारा। भाजपा के इस फैसले का काफी विरोध देखा जा रहा है। ऐसे में अगले लिस्ट में कितने सांसदों और मंत्रियों को भाजपा टिकट देती है, ये देखना अहम होगा। आपको बता दें कि गुरुवार को एक तरफ जहां भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा तेलंगाना की लिस्ट पर तेलंगाना कोर कमेटी के नेताओं के साथ मैराथन बैठक कर रहे थे तो वहीं दूसरी तरफ राजस्थान के चुनाव प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के घर पर भी देर रात तक मैराथन बैठक हुई जिसमें उम्मीदवारों की एक लिस्ट तैयार की गई है जिस पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा नेताओं के साथ आज विचार विमर्श करेंगे।
क्या वसुंधरा खेमे को दिया जाएगा तवज्जो?
राजस्थान में 25 नवंबर को विधान सभा का चुनाव होना है। भाजपा ने राजस्थान के लिए अब तक उम्मीदवारों की एक ही लिस्ट जारी की है। भाजपा ने राजस्थान के लिए 9 अक्टूबर को जारी किए गए अपने पहले लिस्ट में 41 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी। भाजपा की पहली लिस्ट में वसुंधरा राजे के करीबी नेताओं का टिकट कट गया था, जिनमें राजपाल सिंह शेखावत भी शामिल हैं। वसुंधरा राजे के खेमे में पार्टी के इस फैसले को लेकर भारी नाराजगी है। अब देखना होगा कि दूसरी लिस्ट में भाजपा किस रणनीति को अपनाती है।
