कोलकाता : विजयादशमी के अवसर पर बुधवार को कोलकाता के विभिन्न विसर्जन घाटों पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी है। चार दिनों तक चले दुर्गोत्सव के बाद अब भक्त नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दे रहे हैं। ढाक की गूंज, सिंदूर खेला और ‘आसछे बोछोर आबार होबे’ के नारो के बीच प्रतिमाओं को गंगा और अन्य निर्धारित घाटों पर विसर्जित किया जा रहा है। इस बीच सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान केवल पारंपरिक आस्था सनातन का पालन करने वालों को ही मूर्तियों को छूने की अनुमति होगी।
कोलकाता के विसर्जन घाटों पर उमड़ी भीड़
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सनातन परंपरा में विश्वास रखने वालों के अलावा किसी और को मूर्तियों को नहीं छूना चाहिए। मैंने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि यहां आने वाले लोगों के नाम दर्ज किए जाएं, उनकी पहचान होनी चाहिए। इस निर्देश के पीछे कोई सांप्रदायिक मंशा नहीं है, बल्कि, इसका उद्देश्य धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करना और पवित्रता बनाए रखना है। दुर्गा पूजा एक त्योहार तो है ही, लेकिन इसकी धार्मिक विरासत इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। मूर्तियों की पवित्रता सुनिश्चित करने और विसर्जन के दौरान सुरक्षा बनाए रखने के लिए, सरकार राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस के साथ-साथ NDRF को भी तैनात कर रही है। इसके अलावा, गंगा की स्वच्छता बनाए रखने के लिए, विसर्जन प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद, सुबह में ही मूर्तियों के ढांचे को हटाना शुरू कर दिया जाएगा।
सनातन परंपरा में विश्वास रखने वालों को मूर्ति छूने की इजाजत
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सनातन परंपरा में विश्वास रखने वालों के अलावा किसी और को मूर्तियों को नहीं छूना चाहिए। मैंने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि यहां आने वाले लोगों के नाम दर्ज किए जाएं और उनकी पहचान सुनिश्चित की जाए। इस निर्देश के पीछे कोई सांप्रदायिक मंशा नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करना और पवित्रता बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि इसकी धार्मिक विरासत भी इसका महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने बताया कि प्रतिमाओं की पवित्रता सुनिश्चित करने और विसर्जन के दौरान सुरक्षा बनाए रखने के लिए राज्य पुलिस, कोलकाता पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को तैनात किया जा रहा है।
गंगा की स्वच्छता बनाए रखने पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि विसर्जन की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद, सुबह से ही प्रतिमाओं के ढांचे को हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा, ताकि नदी की सफाई सुनिश्चित की जा सके। विजयादशमी के साथ ही कोलकाता में उत्सव का माहौल अब भावुक विदाई में बदल रहा है। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के बीच श्रद्धालु अगले साल फिर मां के आगमन की कामना कर रहे हैं।
