Kal Ka Mausam 20 October 2026: देशभर में मौसम का मिजाज अलग-अलग नजर आ रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में जहां मौसम शुष्क रहने और धूप खिलने का अनुमान है, वहीं पहाड़ी राज्यों में बारिश, आंधी और बर्फबारी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी 25 अक्टूबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। वेदर सिस्टम की बात करें तो दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे तक उसी क्षेत्र में सक्रिय बना हुआ है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके थोड़ा और मजबूत होकर अवदाब में बदलने की संभावना है।
कल का मौसम 20 अक्टबूर 2026
मौसम प्रणाली के शुरुआत में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और उसके बाद अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु के तट के पास निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इससे जुड़ी एक द्रोणिका निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु के आसपास के तटीय क्षेत्रों से लेकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के ऊपर निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इसके अलावा, मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर एक द्रोणिका भी सक्रिय है, जिसका अक्ष लगभग 72° पूर्वी देशांतर के साथ 32° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में फैला हुआ है। थाईलैंड की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं, दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और उससे सटे त्रिपुरा के ऊपर भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में कल आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के अधिकांश इलाकों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर के आसपास रहने की संभावना है। हवा की दिशा और गति में भी दिनभर बदलाव देखने को मिल सकता है। सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। दोपहर में हवा की गति बढ़कर उत्तर-पश्चिम दिशा से 22 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, शाम और रात के समय हवा की रफ्तार घटकर 12 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और दिशा उत्तर की ओर से होने की संभावना है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
20 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में दिन के समय तेज धूप खिल सकती है, जबकि आसमान साफ रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, मेरठ और नोएडा समेत पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान या वज्रपात की संभावना नहीं जताई गई है। वहीं, उत्तर-पश्चिम दिशा से 7 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की हवाएं चल सकती हैं। सुबह और देर शाम के समय तापमान में गिरावट के चलते हल्की ठंड का एहसास होने की संभावना है।
बिहार में मौसम का हाल
बात अगर बिहार की करें तो यहां भी 20 से 25 अक्टूबर 2026 के बीच मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना बेहद कम है। मौसम में खास बदलाव नहीं होने के चलते अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। दिन के समय हल्की धूप और कुछ इलाकों में उमस महसूस होने की संभावना है। फिलहाल प्रदेश में बारिश को लेकर कोई खास संकेत नहीं हैं, हालांकि अक्टूबर के अंतिम दिनों यानी 28 से 29 अक्टूबर के आसपास मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
राजस्थान में थमी रहेंगी बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के अजमेर, टोंक, करौली, सवाई माधोपुर, बारां और झालावाड़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान करौली जिले के सपोटरा में सबसे अधिक 28 मिलीमीटर वर्षा हुई। वहीं, राज्य में अधिकतम तापमान बाड़मेर में 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां थमी रहेंगी। पश्चिमी राजस्थान में आगामी पांच से छह दिनों तक मौसम सूखा रहने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में 23 और 24 अक्टूबर को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके चलते मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
उत्तराखंड से हिमाचल तक बारिश-आंधी की चेतावनी
वहीं पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ बर्फबारी की गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। उत्तराखंड में हरिद्वार, नैनीताल, चमोली और चंपावत समेत कई जिलों में आंधी और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, मंडी, ऊना, चंबा, सोलन और कुल्लू में भी तेज बारिश और आंधी की आशंका जताई गई है। मौसम में बदलाव के बीच तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ सकती है। कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। उधर, जम्मू-कश्मीर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। यहां अनंतनाग, पुंछ, बारामूला, किश्तवाड़ और उधमपुर समेत कई क्षेत्रों के लिए मौसम संबंधी अलर्ट जारी किया गया है।
दक्षिण राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में 20 से 25 अक्टूबर 2026 के दौरान बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में इस अवधि के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में व्यापक स्तर पर वर्षा होने की संभावना है, जबकि तटीय कर्नाटक में 23 और 24 अक्टूबर तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा तेलंगाना में 20 और 21 अक्टूबर, उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 अक्टूबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 20 तथा 21 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर वर्षा होने के आसार हैं।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 20 से 25 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 21 से 23 अक्टूबर के दौरान, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 20 और 21 अक्टूबर को आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। रायलसीमा में 20 से 23 अक्टूबर, तेलंगाना में 20 और 21 अक्टूबर तथा उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 21 से 23 अक्टूबर के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। बारिश की तीव्रता की बात करें तो केरल और माहे में 20 से 25 अक्टूबर, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 20 और 21 अक्टूबर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर तथा लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 22 से 25 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 20 और 21 अक्टूबर को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा होने की भी आशंका है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 20 से 21 अक्टूबर तथा रायलसीमा में 20 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।
