Jabalpur Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार को बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला है। इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि अभी भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मौसम अचानक बिगड़ने के कारण पर्यटकों से भार क्रूज नर्मदा नदी पलट गया। हादसे के बाद अभी तक 23 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। वहीं लापता लोगों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।
जबलपुर क्रूज हादसे में लापता लोगों की तलाश जारी
जबलपुर में क्रूज हादसा कैसे हुआ
जानकारी के अनुसार, क्रूज में 35 से अधिक पर्यटक सवार थे। गुरुवार शाम अचानक तेज आंधी और तूफान आने के कारण नदी में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगीं। जिससे क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में पलटकर डूब गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
SDRF-NDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की। घटनास्थल पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। गोताखोर पानी में उतरकर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। डूबे हुए क्रूज को बाहर निकालने के लिए रातभर प्रयास जारी रहा। लेकिन तेज पानी और गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी। जिसके बाद भोपाल और आगरा से NDRF की टीमों को बुलाया गया। हादसे के 12 घंटे के बाद एक महिला का शव बरामद हुआ है। समय बीतने के साथ ही परिजनों की उम्मीदें टूटती जा रही हैं।
मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
प्रशासन को आशंका है कि लापता लोगों के जिंदा बचने की संभावना बहुत कम है। हालांकि रेस्क्यू ऑपरेशन रात से लगातार जारी है। पुलिस के अनुसार हैदाराबाद से स्पेशल रेस्क्यू टीम को भी जबलपुर बुलाया गया है, जिनके पास रात के समय में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखने की आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। बचाव अभियान के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह और धर्मेंद्र लोधी खुद मौके पर मौजूद रहे और निगरानी करते रहे।
मृतक के परिजनों को मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेत दिग्विजय सिंह ने इस हादसे पर शोक जताया है और प्रशासन से मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है। बताया जा रहा है कि यह क्रूज मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPT) द्वारा चलाई जाती है। हादसे के बाद अब सुरक्षा इंतजामों और मौसम की चेतावनी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्या खराब मौसम के बावजूद क्रूज को चलाना सही था, इस पर सवाल उठ रहे हैं।
