हैदराबाद में एक ज्वेलरी कारोबारी के अपहरण और फिरौती वसूली के मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 1.07 करोड़ रुपये नकद, सोने के आभूषण और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी के परिवार से 15 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी, लेकिन बाद में 1.30 करोड़ रुपये वसूलने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। मामले में दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
हैदराबाद किडनैपिंग केस में बड़ा खुलासा
पुलिस के अनुसार, 53 वर्षीय ज्वेलरी कारोबारी के. श्रीनिवास राव 5 अक्टूबर को रामंतापुर स्थित अपनी दुकान के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में लापता हो गए। उनके परिवार की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि गिरोह ने गोलनाका फ्लाईओवर के पास से उनका अपहरण किया था।
आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कारोबारी को अगवा किया, उनकी आंखों पर पट्टी बांधी और किसी अज्ञात स्थान पर बंधक बनाकर रखा। इसके बाद परिवार से 15 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। आखिरकार, 1.30 करोड़ रुपये वसूलने के बाद कारोबारी को छोड़ दिया गया।
रियल एस्टेट विवाद में अपहरण की साजिश का आरोप
पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस अपहरण के पीछे रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। मामले के मुख्य साजिशकर्ता और कथित मास्टरमाइंड दुमावथ श्रीकांत का कारोबारी श्रीनिवास राव के साथ संपत्ति के कारोबार को लेकर विवाद था।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी ने इस साल अगस्त में अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची थी। आरोप है कि योजना के तहत श्रीनिवास राव के नाम पर चल रहे रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े एजीपी (एग्रीमेंट ऑफ सेल कम जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) को अपने नाम करवाना और उनके परिवार से बड़ी रकम वसूलना मकसद था।
पुलिस ने मामले में अब तक गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। वहीं, कथित सह-साजिशकर्ता समेत दो अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और मामले की आगे जांच जारी है।
