Heritage Transport Museum Gurugram : गुरुग्राम में राष्ट्रीय राजमार्ग-8 से तावडू से कुछ मील की दूरी पर बना है हेरिटेज ट्रांसपोर्ट म्यूजियम। करीब 90,000 वर्ग फुट में विस्तारित यह म्यूजियम अपने आप में देश का एकलौता ऐसा म्यूजिम है, जहां पर आपको विंटेज खिलौनों व बाइक से लेकर जहाज तक देखने को मिल जाएंगे। इस म्यूजियम में परिवहन के विभिन्न नमूनों को बहुत ही आकर्षक एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
यहां पर आने वाले लोगों को विंटेज खिलौनों से लेकर, विंटेज कार, बाइक और 1940 के पाइपर जे 3 सी क्यूब विमान तक देखने को मिलते हैं। इस म्यूजियम की सबसे अच्छी बात यह है कि यहां आप एक ही छत के नीचे इन सभी चीजों का आनंद ले सकते हैं।
इस म्यूजिम में आने वाले लोगों को विभिन्न शताब्दियों में यातायात के साधनों में आए बदलाव की उपयोगी जानकारी भी दी जाती है। इसमें लगभग सभी पुराने से पुराने मॉडल के वाहनों को रोचक ढंग से सजा कर रखा गया है। बता दें कि इस हेरिटेज ट्रांसपोर्ट म्यूजियम का शुभारंभ दिसंबर 2013 में किया गया था। यह भारत का पहला ऐसा व्यापक संग्रहालय है, जहां पर परिवहन विरासत के सभी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
जान लें इस म्यूजियम की खासियत
इस म्यूजियम को बनाने का मुख्य मकसद आम लोगों को प्राचीन समय से चले आ रहे परिवहन के प्रमुख संसाधनों से रूबरू कराना है। म्यूजियम के अंदर जाते ही आपको प्राचीन समय के दुर्लभ परिवहन साधनों में शामिल लकड़ी के पहियों वाली बैलगाड़ी, ऊंटगाड़ी, बग्घी, रिक्शा, साइकिल, पुराने स्कूटर, कार, ट्रक, बस, ट्राम, रेलगाड़ी, हैलीकॉप्टर और एयर क्राफ्ट आदि देखने को मिल जाएंगे।इस म्यूजिम में पाईपर कब जे 3 सी 1947 का एयरक्राफ्ट भी मौजूद हैं इस संग्रहालय की सबसे बड़ी खासियत में यहां मौजूद विंटेज कारों का कलेक्शन है। यहां पर 1938 मॉडल की फोर्ड वी एट, 1969 की हिन्दुस्तान एम्बेस्टर, 1958 की जीप पिकअप एफसी, 1969 की हिन्दुस्तान वेडफोर्ड, 1948 फोर्डसन जैसी कारें हैं। इसके अलावा भी यहां पर आउटरीच, पुस्तकालय और अनुसंधान, समुद्री और ऑटोमोबाइल गैलरी संग्रह जैसा बहुत कुछ देखने के लिए है।
