Delhi Pollution : दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के बीच नगर निगम ने धूल नियंत्रण और प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। 21 अक्टूबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 244 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की GRAP सब-कमेटी ने इसी स्थिति को देखते हुए पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया। इसके बाद दिल्ली नगर निगम ने भी सभी 12 जोनों में सफाई, धूल नियंत्रण और निगरानी बढ़ाने के उपाय किए हैं।
दिल्ली में प्रदूषण से निपटने का प्लान तैयार (फोटो-Istock)
MCD के मुताबिक, शहर की विभिन्न सड़कों पर धूल कम करने के लिए 167 वाटर स्प्रिंकलर और 40 एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं। इसके अलावा निगम की निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयों, डंपिंग स्थलों और वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों में 20 एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं। निगम की ऊंची इमारतों पर भी 20 एंटी-स्मॉग गन स्थापित की गई हैं। इनका संचालन GRAP के लागू चरणों के अनुरूप किया जा रहा है।
250 वार्डों में मलबा डालने के लिए जगह चिह्नित
निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे की अवैध डंपिंग रोकने के लिए निगम ने सभी 250 वार्डों में निर्धारित स्थल चिह्नित किए हैं। इन जगहों पर धूल नियंत्रण के लिए नियम तय किए गए हैं। मलबे को ढककर रखना या नियमित रूप से गीला करना, धूल रोकने वाली दीवारें बनाना और पानी के छिड़काव की व्यवस्था बनाए रखना इनमें शामिल है। मलबा ले जाने वाले वाहनों को भी पूरी तरह ढकना होगा, ताकि रास्ते में धूल न फैले।
निगम के अनुसार, 125 स्थलों पर 360 डिग्री PTZ कैमरे लगाए गए हैं। इनकी लाइव फीड दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे इन जगहों पर गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी।
कूड़ा जलाने और अवैध डंपिंग पर होगी कार्रवाई
MCD ने खुले में जैविक कचरा जलाने, प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल, निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल और मलबे की अवैध डंपिंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त टीमें बनाई हैं। सभी जोनों में निरीक्षण के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई है। इसके लिए प्रत्येक जोन को अंतरिम तौर पर पांच लाख रुपये का बजटीय प्रावधान जारी किया गया है।
निगमायुक्त संजीव खिरवार ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने, प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने और बिना देरी सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। GRAP के पहले चरण के तहत संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज करने और हवा की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति के आधार पर आगे के कदमों की समीक्षा भी की जाएगी।
