Budget 2023: क्या और ज्यादा कंपनियों का निजीकरण करेगी सरकार? अगले वित्त वर्ष के लिए ये है प्लान

  • Written by: प्रभाष रावत
  • Updated Jan 30, 2023, 09:08 AM IST

मोदी सरकार का आने वाले समय में निजीकरण को बढ़ावा देने का कोई इरादा नहीं है। किसी कंपनी के अब प्राइवटाइज किए जाने की कम ही संभावना है। इसको लेकर कई तरह की अटकलें और संभावनाएं एक्सपर्ट की ओर लगाई जा रही हैं, जिनके बारे में यहां पर जान सकते हैं।

वित्त मंत्रालय के अंदर अगले वित्तीय वर्ष 2023-24 में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) के पहले से घोषित और नियोजित निजीकरण पर कायम रहने की संभावना है। साथ ही आगामी केंद्रीय बजट में सीपीएसई की लिस्ट में एक नए नाम के शामिल होने की संभावना भी कम दिखाई दे रही है। एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि यह योजना उन कंपनियों की रणनीतिक बिक्री को आगे बढ़ाने की है जिसके लिए कैबिनेट की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।

Nirmala Sitharaman Budget 2023

निर्मला सीतारमण

अगर इस बजट 2023 के दौरान निजीकरण की योजना में कोई बदलाव नहीं होता है, तो इसका मतलब है कि सरकार शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, एनएमडीसी स्टील, बीईएमएल, एचएलएल लाइफकेयर, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, आरआईएनएल या विजाग स्टील और आईडीबीआई बैंक जैसी कंपनियों की पहले से नियोजित रणनीतिक बिक्री जारी रखेगी।

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